Chitrakoot: पुलिसकर्मी पर विवाहिता ने लगाए गंभीर आरोप, तहरीर देकर कहा- झांसा देकर बनाए संबंध, अब इससे कराओ शादी
चित्रकूट में पुलिसकर्मी पर विवाहिता ने लगाया शारीरिक शोषण का आरोप।
चित्रकूट में पुलिसकर्मी पर विवाहिता ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि सिपाही से उसके चार माह का गर्भ भी है। उसने इस संबंध में थाने में तहरीर दी है।
चित्रकूट, अमृत विचार। सरधुआ थानांतर्गत एक गांव की निवासी अनुसूचित जाति की एक विवाहिता ने इसी थाने में तैनात स्वजातीय पुलिसकर्मी पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि सिपाही से उसके चार माह का गर्भ भी है। उसने इस संबंध में थाने में तहरीर दी है। उसका कहना है कि अब उसका पति उसे अपने साथ रखने को तैयार नहीं है और ऐसे में उसकी शादी उस सिपाही के साथ करा दी जाए।
महिला ने तहरीर में बताया है कि उसका पति परदेश में है और वह अपने बच्चों के साथ यहां रहती है। आरोप लगाया कि थाना सरधुआ में तैनात एक सिपाही का एक परिचित के माध्यम से उसके घर आनाजाना हुआ। सिपाही ने शादी का झांसा देकर उससे संबंध बनाए और इससे उसके गर्भ ठहर गया। आरोप लगाया कि 21 जून को वह उसे एक निजी अस्पताल में ले गया और गर्भपात करा दिया। अस्पताल का खर्च भी सिपाही ने ही वहन किया।
महिला का कहना है कि अब वह सिपाही के साथ रहना चाहती है पर वह तैयार नहीं है। पति उसे रख नहीं रहा। ऐसे में उसकी सिपाही के साथ शादी कराई जाए। गौरतलब है कि आरोपी सिपाही मूलतः झांसी निवासी है और इस समय खोह पुलिस लाइन में एक सप्ताह का प्रशिक्षण कर रहा है।
बहन की शादी कराना चाहती थी- आरोपी पुलिसकर्मी
पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बने इस मामले में आरोपी सिपाही ने खुद को पूरी तरह से बेकसूर बताया। बताया कि महिला अपनी बहन से उसकी शादी कराना चाहती है पर उसके घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी है। उसने यह भी कहा कि वह इस महिला के घर मुश्किल से एक दो बार ही गया होगा। एक अन्य व्यक्ति के मार्फत उसका परिचय हुआ था पर वह महिला को न तो बहुत ज्यादा जानता है और न उससे उसका कोई लेना देना है।
सीओ बोले, जांच कराई जा रही
इस संबंध में सीओ राजापुर शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि पुलिसकर्मी का कहना है कि वह किसी भी जांच को तैयार है। उन्होंने एक इंस्पेक्टर को इस पूरे मामले की जांच सौंपी है। महिला ने जिस अस्पताल की बात कही है, वहां भी जाकर पता लगाया जाएगा कि सच क्या है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में पूरी तरह जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
