महत्वपूर्ण सहयोग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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आज दुनिया जिस प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रही है, उनके समाधान के लिए अमेरिका व भारत के बीच बढ़ रहा सहयोग महत्वपूर्ण है। दोनों देश वैश्विक समुदाय के समक्ष मौजूद ज्वलंत चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक साथ खड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की राजकीय यात्रा जारी है।

दोनों देशों के प्रमुखों की बातचीत में शामिल रहा कि वैश्विक आतंकवाद की चुनौती को कम करने, इसका समाधान करने और यथासंभव व्यापक रूप से निपटने के लिए कैसे सहयोग कर सकते हैं। यह वार्ता यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक कही जा सकती है।

गुरुवार को अमेरिकी संसद की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 9/11 हमले के दो दशक तथा मुंबई में हमलों के एक दशक बाद भी कट्टरपंथ और आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए एक खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से आतंकवाद के प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान करते हुए पाकिस्तान पर परोक्ष निशाना साधा और कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है तथा इस संकट से निपटने में कोई ‘‘अगर-मगर’’ नहीं हो सकता।

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर लगातार बल दिया कि जो लोग आतंकवाद को प्रायोजित करते हैं, आतंकवाद का समर्थन करते हैं, वे हमारे समाज की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं और उनसे बहुत सख्ती से निपटना होगा। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में फिर से दोहराया कि यह युद्ध का नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति का युग है। रक्तपात और मानवीय पीड़ा को रोकने के लिए जो कुछ भी हो सकता है सभी को करना चाहिए। 

मोदी ऐसे पहले भारतीय नेता है जिन्हें अमेरिकी कांग्रेस को दो बार संबोधित करने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने पहली बार वर्ष 2016 में अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था। प्रधानमंत्री ने भारतीय-अमेरिकियों की उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका सहयोग का दायरा अनंत है, हमारे समन्वय की क्षमता असीमित है और हमारे संबंधों का तालमेल सहज है।

यात्रा की एक और प्रमुख उपलब्धि यह रही कि भारत और अमेरिका विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में छह व्यापार विवादों को समाप्त करने पर सहमत हुए हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा से रक्षा, सामरिक प्रौद्योगिकी के संबंध में सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी और खनिज सहयोग के क्षेत्रों में ‘महत्वपूर्ण परिणाम’ मिले हैं। इस दौरान लिए गए फैसलों से नए भारत’ के निर्माण में मदद मिलेगी।