वाराणसी: पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी का घर में मिला क्षत-विक्षत शव, दुर्गंध से पड़ोसियों को हुआ शक

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Edited By Amrit Vichar
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वाराणसी। हॉकी के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजीव मिश्रा (46) का शुक्रवाकर को शव शिवपुर क्षेत्र स्थित उनके आवास में मिला है। राजीव वाराणसी रेलवे स्टेशन पर चीफ इंस्पेक्टर ऑफ टिकट के पद पर तैनात थे। तीन दिन से उनका कमरा बंद था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा खोला तो उनकी लाश काफी सड़ चुकी थी। दरअसल शुक्रवार की दोपहर कमरे से दुर्गंध का अहसास होने पर पड़ोसियों ने पुलिस से शिकायत की। 

मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। इसके बाद दरवाजा तोडा गया। उनका शव कमरे में बेड के पास जमीन पर पड़ा था। फर्श पर खून जम गया था और शव में कीड़े पड़ चुके थे। पुलिस के अनुसार शव करीब 4-5 दिन पुराना था। राजीव की मौत की सूचना लखनऊ में रह रही उनकी पत्नी चंचल मिश्रा को दी गई। 1997 जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के राजीव मिश्रा के स्टार प्लेयर थे। 

शिवपुर थाना प्रभारी वैद्यनाथ सिंह ने बताया कि राजीव ने आत्महत्या की या बीमारी से मौत हुई इसकी पुष्टि तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार देर रात हरिश्चंद्र घाट पर किया गया। राजीव मूलरूप से बिहार के हाजीपुर के लीलूडबैत गांव के निवासी थे। वाराणसी में नरायनपुर सरसौली में उन्होंने घर बनवा लिया था। 

पत्नी चंचल मिश्रा, बेटी शौर्या और बेटे राम के साथ लखनऊ में रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि 10 जून को राजीव की पत्नी और बेटी शौर्या पड़ोसी के यहां एक शादी में शामिल होने के लिए आईं थीं। शौर्या की परीक्षा थी। इस कारण दोनों 14 जून को लखनऊ लौट गईं। राजीव वाराणसी में ही रुक गए थे। परिजनों ने बताया पिछले कुछ सालों से राजीव का पत्नी से सम्बंध ठीक नही थे। उन्हें शराब पीने की लत लग गई थी। 14 जून को भी जब पत्नी आई थी तो दम्पती में विवाद हुआ था। तब से दोनों में एक बार भी फोन पर बातचीत नहीं हुई। 

दम्पती के आपसी मतभेद के कारण ही चार दिन पहले राजीव की मौत हो गई और उनके परिवार को इसकी जानकारी नही हो सकी। रेलवे में नौकरी के चलते राजीव का लखनऊ आना-जाना होता था। उनका 1997 में हॉकी वर्ल्ड कप जूनियर टीम में चयन हुआ था। इसके बाद राजीव मिश्रा 1998 में वर्ल्ड कप सीनियर टीम का हिस्सा रहे। राजीव को उस समय भारतीय हॉकी का अगला बड़ा सितारा माना जाता था। 

राजीव मिश्रा का चयन नीदरलैंड में होने वाले सन 1998 में वर्ल्ड कप सीनियर टीम में भी किया गया था। नीदरलैंड में 1998 में पैर में चोट के बाद राजीव मैदान पर वापसी नहीं कर सके और 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा बनकर रह गए। कोच पीएस शुक्ला के मुताबिक, नीदरलैंड विश्वकप के दौरान ही खेलते समय राजीव को घुटने में गहरी चोट लग गई थी। 

मैदान पर घुटने में चोट को डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद ही ठीक होने की बात कही, लेकिन बड़े बजट के इलाज ने परेशान कर दिया। कई जगह प्रयास के बावजूद मदद नहीं मिलने पर एक संस्था ने उनके पैर का ऑपरेशन मुंबई में कराया। सर्जरी के बाद पैर, तो ठीक हुआ। लेकिन, राजीव पहले जैसा नहीं खेल पाए। बाद में खेल से दूरी बना ली। फिर उन्हें स्पोर्ट्स कोटे से रेलवे में नौकरी मिल गई।

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