पंचतत्व में विलीन हुए प्रणब मुखर्जी, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लोधी रोड के श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह में उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस मौके पर उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी और परिवार के बाकी सदस्य पीपीई किट पहने हुए नजर आए। प्रणब मुखर्जी …

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया है। लोधी रोड के श्मशान घाट में विद्युत शवदाह गृह में उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। इस मौके पर उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी और परिवार के बाकी सदस्य पीपीई किट पहने हुए नजर आए। प्रणब मुखर्जी पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। देश ने अपने चहेते राजनेता को आज नम आंखों से आखिरी विदाई दे दी है।

प्रणब मुखर्जी का निधन कल शाम हो गया था, वे 84 वर्ष के थे। उन्हें 10 अगस्त को सेना के ‘रिसर्च एंड रेफ्रल हास्पिटल’ में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उनके मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। बाद में प्रणब मुखर्जी के फेफड़ों में संक्रमण भी हो गया था।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने प्रणब मुखर्जी को किया याद
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि प्रणब मुखर्जी के जाने से एक खालीपन सा आ गया है। वह उदार और दयालु थे, जो बातचीत के दौरान यह नहीं जाहिर होने देते थे कि मैं भारत के राष्ट्रपति से बात कर रहा हूं। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, सभी को अपना बनाना उनकी प्रकृति में था। वह हमेशा याद किए जाएंगे।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रणब मुखर्जी के आवास पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें प्रणाम किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उनके साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कल प्रणब मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। प्रणब दा को आखिरी विदाई देते हुए पीएम मोदी ने उनकी तस्वीर के आगे पुष्पांजलि अर्पित की।

सरकारी आवास पर लाया गया पार्थिव शरीर
आर्मी हॉस्पिटल (आरएंडआर) से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का पार्थिव शरीर उनके 10, राजाजी मार्ग स्थित सरकारी आवास पर लाया गया। राजाजी मार्ग स्थित उनके आवास पर उनके परिवारजन और अन्य लोग मौजूद हैं। सुबह 11 से 12 बजे तक उनका पार्थिव शरीर आम जनता के दर्शनों के लिए रखा जाएगा। यहीं पर दोपहर 12 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा। दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति के शव को कोरोना प्रोटोकॉल के तहत ताबूत में रखा गया है और उनके घर पर एक तस्वीर रखी गई है।

सात दिन का राष्ट्रीय शोक
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को निधन हो गया और उनके सम्मान में सोमवार से देश भर में सात दिन के राष्ट्रीय

शोक की घोषणा की गई है। गृह मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि सरकार गहरे दुख के साथ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की घोषणा करती है। उनका सेना के रिसर्च एंड रैफरल अस्पताल में उपचार चल रहा था।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीटर पर अपने संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति, प्रणब मुखर्जी के स्वर्गवास के बारे में सुनकर हृदय को आघात पहुंचा। उनका देहावसान एक युग की समाप्ति है। प्रणब मुखर्जी के परिवार, मित्र-जनों और सभी देशवासियों के प्रति मैं गहन शोक-संवेदना व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा कि असाधारण विवेक के धनी, भारत रत्न मुखर्जी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम था। पांच दशक के अपने शानदार सार्वजनिक जीवन में, अनेक उच्च पदों पर आसीन रहते हुए भी वे सदैव जमीन से जुड़े रहे। अपने सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सर्वप्रिय थे।

मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके निधन से पूरा भारत दुखी है और उन्होंने राष्ट्र के विकास पथ पर एक अमिट छाप छोड़ी है। वह उत्कृष्ट विद्वान, एक राजनीतिज्ञ, राजनीति और समाज के सभी वर्गों में प्रशंसित रहे। दशकों के राजनीतिक जीवन के दौरान, मुखर्जी ने प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक मंत्रालयों में लंबे समय तक योगदान दिया। वह एक उत्कृष्ट सांसद थे,जो बेहद मुखर थे और मजाकिया स्वभाव के भी थे।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को 84 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्हें 10 अगस्त को सेना के रिसर्च एंड रैफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व राष्ट्रपति के मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए पिछले दिनों उनका ऑपरेशन किया गया था। तब से वह वेंटीलेटर पर थे।

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