Banda News : सामूहिक आत्मदाह की धमकी से हिल गया प्रशासन, अफसरों ने दिया आश्वासन, मांगें होगी अमल

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में सामूहिक आत्मदाह की धमकी से हिल गया प्रशासन।

बांदा में सामूहिक आत्मदाह की धमकी से हिल गया प्रशासन। सत्याग्रही महिलाओं से मिले अफसरों ने आश्वासन दिया। मात्र 24 घंटे के भीतर ही उनकी मांगों पर अमल होगा।

बांदा, अमृत विचार। विकासखंड मुख्यालय महुआ गांव के मजरा राजाराम का पुरवा में संपर्क मार्ग समेत मूलभूत सुविधाओं को लेकर वासंती रंग के डंडों से लैस गांव बाहर सत्याग्रह पर डटी महिलाओं ने शनिवार को आंदोलन की धार और तेज कर दी। अपने माथे पर ‘नेता ग़ुम-प्रशासन चुप’ स्लोगन लिखी पट्टी बांध जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि उनकी मागें पूरी न हुईं तो वे सामूहिक आत्मदाह करेंगी। महिलाओं का सत्याग्रह उग्र होता देख प्रशासन हिल गया। मौके पर पहुंचे प्रशासन ने उनकी मांगें 24 घंटे में पूरा करने का आश्वासन दिया है।   

शुक्रवार के अंक में "अमृत विचार" ने "राजाराम का पुरवा में आजादी का अमृत महोत्सव बेमानी" शीर्षक से आजादी के 75 साल बाद भी यहां पर मूलभूत समस्यायों का समाधान न होने पर ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे सत्याग्रह की खबर को प्रमुखता से उठाया था। राजाराम का पुरवा में विकास की किरण भले ही न फूटी हो, लेकिन यहां की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति बेहद जागरूक दिख रही हैं।

बुनियादी जरूरतों की मांग को लेकर चार दिनों से गांव बाहर सत्याग्रह पर बैठी महिलाएं उग्र हो चली हैं। वासंती रंग से रंगे डंडों से लैस महिलाओं ने अपने माथे पर ‘नेता ग़ुम-प्रशासन चुप’ स्लोगन लिखी पट्टी बांधकर जिला प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मागें पूरी न हुईं तो वे सामूहिक आत्मदाह करेंगी। सत्याग्रह पर डटी वंदना कहती हैं कि गांव की बुनियादी समस्याओं के मामले में प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। प्रशासन की इस चुप्पी से लगता है कि प्रशासन सिर्फ अमीरों के लिये है। गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है।

प्रशासन की इसी चुप्पी को देखते हुए उन्होंने सांकेतिक अपने मुंह में भी पट्टी बांध रखी है, ताकि इस बात की जानकारी सभी को हो सके। चिन्गारी संगठन की रोशनी ने कहा कि जिस सरकार में महिलाओं के सम्मान के बड़े-बड़े दावे किये जा रहे हों, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के नारे लगाये जा रहे हों उसी सरकार में एक गांव की बेटियां शिक्षा व सड़क के लिए मोहताज होने की वजह से सत्यग्रह करने को मजबूर हों, शासन और प्रशासन के लिये इससे ज्यादा शर्मनाक भला और क्या हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रशाशन लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

सभी महिलाओं ने एक स्वर में कह दिया है यदि दो दिन के अंदर उनकी मांगें न मानी गईं तो वह सभी सामूहिक आत्मदाह कर लेंगी। वहीं, पूर्व प्रधान विजय बहादुर ने सत्यग्रह का समर्थन करते हुए कहा है की तत्काल प्रशासन को इनकी मांगों को पूरा करना चाहिए। महिलाओं की सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी से प्रशासन हिल गया। जिला विकास अधिकारी और खंड विकास अधिकारी महुआ समेत प्रशासनिक टीम ने मौके पर जाकर सत्याग्रही महिलाओं को 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर अमल किये जाने का आश्वासन दिया। गांव में सड़क का निर्माण भी करवाया जायेगा।

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