Bareilly: कागज बचाने के लिए टीटीई को नहीं दिया जाएगा पेपर चार्ट
प्रयोग के तौर पर कुछ दिन बिना चार्ट ट्रेन पर टीटीई जाएंगे
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बरेली, अमृत विचार। ट्रेन में टीटीई को अब पीआरएस की ओर से चार्ट देना बंद किया जाएगा। ऐसा कागज की बचत के लिए किया गया है। रेल प्रशासन ने टीटीई को सभी काम हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) के माध्यम से ही करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि यह फैसला अभी कुछ दिन के प्रयोग के तौर पर लिया है।
दो तरह के चार्ट रेलवे द्वारा टीटीई को ट्रेन में दिये जाते हैं। पहला रिमोर्ट और करंट चार्ट। रिमोर्ट चार्ट उन ट्रेनों के टीटीई को दिया जाता है जो दूसरे मंडलों से ओरिजनेट होती हैं और जंक्शन पर उनका स्टॉप है। वहीं करंट चार्ट उन ट्रेनों के लिए होता है जो बरेली जंक्शन से ही ओरिजनेट हो रही हैं।
रेल अधिकारियों के मुताबिक शनिवार की देर रात 12 बजे से सभी ट्रेनों के अंदर रिमोट चार्ट देना बंद कर दिया गया है। जबकि करंट चार्ट में यह व्यवस्था केवल बरेली जंक्शन से चलने वाली 14315 नई दिल्ली इंटर सिटी एक्सप्रेस में लागू की गई है। इस ट्रेन के अंदर टीटीई को फिलहाल सील बंद करंट चार्ट दिया जाएगा। यानी किसी प्रकार की दिक्कत होने पर ही टीटीई द्वारा कारण बताने के साथ इस सील बंद चार्ट को खोला जा सकता है।
हालांकि यह व्यवस्था अभी प्रयोग के तौर पर सप्ताह भर के लिए अमल में लाई जाएगी। इसके बाद बारी-बारी बरेली जंक्शन से ओरिजनेट होने वाली दूसरी ट्रेनों के अंदर भी सील बंद करंट चार्ट दिया जायेगा। वहीं यात्रियों के लिए स्टेशन पर लगने वाले चार्ट की पेस्टिंग पूर्व में ही बंद की जा चुकी है। वहीं बरेली जंक्शन से जिन ट्रेनों के अंदर रिमोर्ट चार्ट दिया जाता है उनमें चलने वाले टीटीई के हैंड हेल्ड टर्मिनल में कोई दिक्कत आती है तो उसको कंट्रोल रूम को नोट कराना पड़ेगा जिसके बाद उसे रिमोट चार्ट दिया जायेगा।
क्या है एचएचटी डिवाइस
एचएचटी पूरी तरह ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ा है। इसमें यात्री की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होती है। अगर कोई यात्री अपने गंतव्य वाले स्टेशन से नहीं चढ़ता या ट्रेन में कोई बर्थ खाली है तो अन्य वेटिंग व आरएसी टिकट वाले यात्री की बर्थ अपने आप ही कनफर्म हो जाती है।
प्रयोग के तौर पर चार्ट टीटीई को चार्ट देना बंद किया गया है। ट्रेनों के अंदर टीटीई को एचएचटी दिये गये हैं। जिसमें पूरा चार्ट ऑनलाइन होता है। इससे कागज की भी काफी बचत होगी---सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेल मंडल।
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