Chitrakoot: लेटी परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को डंपर ने कुचला, पिता-पुत्र की मौत, तीन घायल, कुलदेवी मंदिर जा रहे थे
चित्रकूट में डंपर ने पिता-पुत्र को कुचला।
चित्रकूट में लेटी परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं को डंपर ने कुचल दिया। हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर मौत हो गई। जबकि तीन लोग घायल हो गए।
चित्रकूट, अमृत विचार। लेटी परिक्रमा कर अपनी कुलदेवी के मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को एक डंपर कुचलते हुए निकल गया। इसमें पिता ने मौके पर तो पुत्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। इनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना के बाद वाहनचालक फरार हो गया। ।
थाना पहाड़ी अंतर्गत सकरौली निवासी बृजलाल (55) पुत्र उदयराज बड़े पुत्र बाबूलाल (28), रिश्तेदार रामजी पुत्र राजकुमार निवासी पिलखिनी थाना सरधुआ, कमलेश पुत्र पूजन, रामनरेश पुत्र लल्लू, बालकेश पुत्र बैजनाथ सभी निवासी अनीपुर मजरा हरदौली चौकी गनीवां आदि के साथ पैतृक गांव अनीपुर जा रहा था। अनीपुर में बृजलाल के परिवार की कुलदेवी सिगरी देवी का मंदिर है। मनौती पूरी करने के लिए सभी लोग वहां जा रहे थे।
बताया जाता है कि रविवार तड़के लगभग तीन बजे पहाड़ी-राजापुर मार्ग पर बकटा बुजुर्ग व नोनार श्रमदान के बीच पहाड़ी की ओर से आ रहे गिट्टी लदे डंपरचालक ने बाइक को टक्कर मार दी और लेटकर परिक्रमा कर रहे बृजलाल के साथ बाबूलाल, बालकेश, रामजीत और रामनरेश आदि को कुचलते हुए राजापुर की ओर भाग गया। बृजलाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक नागेंद्र कुमार नागर, इंस्पेक्टर शंभू दयाल, सब इंस्पेक्टर रविकांत राय आदि घटनास्थल पहुंचे और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। यहां से सभी घायलों को डा. मोहित विद्यार्थी ने जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बाबूलाल की भी सांसें थम गईं। पिता पुत्र की मौत से हंसी खुशी का माहौल गम में तब्दील हो गया।
बाइक पर लाद रखा था सामान
सकरौली से अनीपुर की दूरी लगभग तीस किमी है। इन श्रद्दालुओं ने पूजा आदि का सामान बाइक पर लाद लिया था और कुछ लोग लेटी परिक्रमा लगाते हुए जा रहे थे। कुछ इनके साथ में चल रहे थे।
अंधेरे की वजह से हुई दुर्घटना
माना जा रहा है कि दुर्घटना की वजह अंधकार रहा है। पहाड़ी-राजापुर मार्ग में जहां पर हादसा हुआ, वहां पर रात में अंधेरा रहता है। चालक वाहनों की लाइट से ही सामने क्या है, देख पाते हैं। माना जा रहा है कि तेज रफ्तार होने की वजह से चालक इनको नहीं देख पाया और कुचलता हुआ निकल गया।
बीस साल पहले आया था परिवार
जानकारी के अनुसार, बृजलाल लगभग बीस साल पहले पैतृक गांव से आकर ससुराल सकरौली केवटरा में सपरिवार रहने लगा था। मन्नत पूरी करने के लिए सभी लोग अनीपुर जा रहे थे लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था।
एसपी ने लिया घायलों का हालचाल
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक वृंदा शुक्ला भी जिला चिकित्सालय पहुंचीं। उन्होंने घायलों का हालचाल लिया। चिकित्सकों को उनके बेहतर इलाज की हिदायत दी। परिजनों को ढांढस बंधाया।
