प्रयागराज : मुख्तार अंसारी के साले को हाईकोर्ट से मिली जमानत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी फर्म के मामले में मुख्तार अंसारी के साले अनवर शहजाद को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सैयद आफताब हुसैन रिजवी ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया है। याचिका के अनुसार याची के विरुद्ध दिनांक 24 फरवरी 2023 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत पुलिस स्टेशन कोतवाली, जिला गाजीपुर में मसूद आलम द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मालूम हो कि उक्त प्राथमिकी में याची के साथ-साथ मुख्तार अंसारी की पत्नी आफशा अंसारी का भी नाम है। 

प्राथमिकी के अनुसार शिकायतकर्ता ने वर्ष 2007 में तीन पार्टनर के साथ मिलकर एक फर्म बनाई थी, जिसका नाम मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन था। याची व तीन अन्य लोगों ने वर्ष 2012 में बिना नियमों व शर्तों का पालन करते हुए मात्र नोटरी पर उक्त फर्म के पार्टनर बन गए और इन लोगों की दहशत की वजह से कोई भी पाटनर विरोध नहीं कर सका था। इसके पहले शिकायतकर्ता को याची के द्वारा जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। शिकायतकर्ता ने याची पर यह भी आरोप लगाया कि कंपनी के अकाउंट में मौजूद लगभग एक करोड़ रुपए याची व उनके सहयोगियों द्वारा उपयोग कर लिया गया। याची द्वारा शिकायतकर्ता और अन्य पार्टनर्स को उनके पैसे वापस नहीं किए गए। 

याचिका की सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि वह 13 मार्च 2023 से जेल में बंद है और प्राथमिकी घटना के 11 साल बाद दर्ज की गई है। प्राथमिकी के आरोप अस्पष्ट हैं और कुछ आरोप संदेह पर आधारित है। प्राथमिकी में कोई विशेष आरोप नहीं है, दरअसल ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और केवल दबाव बनाने के लिए याची को झूठा फंसाया गया है। अंत में कोर्ट ने दोनों पक्षों के द्वारा दी गई दलीलों, अपराध की प्रकृति और गंभीरता, सजा की गंभीरता और रिकार्ड पर उपलब्ध सबूतों को ध्यान में रखते हुए याची को सशर्त जमानत दे दिया।

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