बरेली: परीक्षा केंद्रों की तैयारी चौपट, सैनेटाइजर रखा न चलाए कैमरे
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बीच महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा प्रारंभ हो गई है। मंगलवार को पहले दिन करीब 14,800 छात्र परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, जिसमें 427 अनुपस्थित रहे। सीमित छात्र संख्या के बावजूद केंद्रों की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। स्थिति यह रही कि …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बीच महात्मा ज्योतिबा फुले (एमजेपी) रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा प्रारंभ हो गई है। मंगलवार को पहले दिन करीब 14,800 छात्र परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, जिसमें 427 अनुपस्थित रहे।
सीमित छात्र संख्या के बावजूद केंद्रों की व्यवस्थाएं धड़ाम हो गईं। स्थिति यह रही कि न कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन हुआ न ही परीक्षा नियमों का। कई केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं चले तो बरेली कॉलेज समेत कुछ अन्य केंद्रों पर सैनेटाइजर भी नहीं रखा गया। विवि के सचल दस्ते निष्क्रिय रहे। इस हाल में पहले दिन नकल का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 7 से 9 बजे तक हुई। एमए उर्दू-संस्कृत, मैथमेटिक्स, एमएससी फिजिक्स ओल्ड पेपर के परीक्षार्थी प्रात: 6 बजे से ही केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। बरेली कॉलेज परीक्षा केंद्र पर बिना मास्क के पहुंचने वाले छात्रों को मास्क देकर प्रवेश दिया गया। हालांकि कोरोना के भय से छात्रों को खुद की तलाशी लेने के निर्देश देकर सख्ती बरतने की रस्मअदायगी होती रही।
सुबह की पाली में कई केंद्र पेपर से प्रश्न संख्या कम किए जाने को लेकर उलझ गए। जिसके बाद विवि प्रशासन से संपर्क साधा गया। विवि की टीम केंद्राध्यक्षों को विषयवार प्रश्नों की स्थिति से अवगत कराती रही। सुबह 11 से दोपहर 1 बजे की पाली में बीए-बीकॉम एडवरटाइजिंग एंड सेल्स और दोपहर 3 से सायं 5 बजे की पाली में बीए पर्शियन, बीए-बीएससी मैथमेटिक्स और बॉटनी की परीक्षा हुई।
“पहले दिन शांतिपूर्वक परीक्षा संपन्न हुई है। परीक्षा केंद्रों से जो जानकारी या सहयोग मांगा गया, वो तत्काल उपलब्ध कराया गया। कोई नकल का मामला नहीं रहा। जिन केंद्रों पर सैनेटाइजर न रखने या व्यवस्थाओं में कमी की बात सामने आ रही है। उसे सही कराया जाएगा।” -डा. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी-एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय
