Kanpur Dehat: गौशाला में तीन गोवंशों की मौत, दो मरणासन्न, चूनी-चोकर व हरा चारा न मिलने से कुपोषित हो रहे गोवंश

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर देहात में भदेसा की अस्थायी गौशाला में तीन गोवंशों की मौत। इसमें दो मरणासन्न भी हो गई। चूनी-चोकर व हरा चारा न मिलने से गोवंश कुपोषित हो रहे।

कानपुर देहात, अमृत विचार। शासन की ओर से गौशलाओं की देखरेख के लिए लाखों रुपये का बजट भेजा जाता है। उसके बाद भी व्यवस्थाएं दुरस्त होने का नाम नहीं ले रही हैं। भदेसा गांव में बनी अस्थायी गौशाला में संरक्षित गोवंश चूनी, चोकर व हरे चारे के अभाव में सोमवार को तीन गोवंशों की मौत हो गई। वहीं दो गोवंश मरणासन्न हालत में हैं।
 
सरवनखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत भदेसा में बनी अस्थायी गौशाला इन दिनों दुर्दशा का शिकार बनकर रह गई है। मंगलवार को गौशाला में मौके पर
240 गोवंश मौजूद मिले। जबकि कागजों पर 258 गोवंश दर्ज थे। ऐसे में सवाल खड़ा हो रही कि 18 गोवंश कहां गए। इस बावत जिम्मेदार समुचित जवाब नहीं दे सके।
 
वहीं गोवंशों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं था। नादों में चूनी, चोकर, खली व हरा चारा के बजाय केवल सूखा भूसा ही पड़ा था। जिसे खाकर गोवंश कुपोषित हो रहे हैं। वहीं सोमवार को तीन गोवंशों की मौत हो गई। जिनका पोस्टमार्टम कराने के बाद दफना दिया गया। जबकि दो गोवंश मरणासन्न हालत में जमीन पर पड़े हुए थे। गोवंशों की देखरेख के लिए रखे गए छह केयर टेकर में केवल एक रामभरोसे ही मौजूद थे।
 
आसपास के लोगों ने बताया कि पिछले दिनों लाखों रुपये का बजट गौशाला के लिए आया है। इसके बावजूद हरा चारा समेत अन्य इंतजाम नहीं कराए जा रहे हैं। जिससे पिछले कई दिनों से गोवंशों की मौत हो रही है। वहीं बड़ी संख्या में गोवंश होने के बावजूद खानापूरी के लिए थोड़ी से टीनशेड रखवा दी गई है। ऐसे में छाया के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस बावत बीडीओ उमाशंकर सिंह ने बताया कि गौशाला मंे कुछ केयर टेकर नहीं आ रहे हैं। निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरस्त कराया जाएगा।
 
आखिर कहां उगाई जा रही नेपियर घास
 
जनपद में छुट्टा गोवंशों को रखने के लिए जगह-जगह वृहद, कान्हा व अस्थायी गौशालाओं का संचालन तो शुरू करा दिया गया, लेकिन हरा चारा देने के इंतजाम हवाहवाई ही साबित हो रहे हैं। अफसर गोवंशों के लिए सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर नेपियर घास उगाई जाने के दावे भी करते हैं, लेकिन यह घास कहां उग रही। इस बारे में किसी को नहीं पता। वहीं भदेसा गांव की गौशाला में हरा चारा उपलब्ध न होने के बावत बीडीओ का कहना है कि अब बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। जिसपर चरी की बुआई करा दी गई है।

 

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