हल्द्वानी: आज बंद हो जाएगी गौला नदी में फावड़े बेलचों की खन-खन
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में आज फावड़े बेल्चों की खन-खन समाप्त हो जाएगी। नदी से सिर्फ 664.21 घनमीटर उपखनिज की निकासी शेष है इसलिए वन विकास निगम ने गुरुवार को राजपुरा गेट पर खनन का फैसला किया है।
खनन सत्र 2022-23 में गौला नदी में खनन को लेकर कई उतार चढ़ाव आए।
कभी डंपर स्वामियों की एक प्रदेश एक रॉयल्टी तो कभी पर्यावरणीय अनापत्ति की अवधि समाप्त होने की वजह से खनन प्रभावित हुआ। अमूमन खनन सत्र हर वर्ष 31 मई को समाप्त होता है लेकिन इस वर्ष राज्य सरकार ने खनन की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी जिस पर केंद्र ने भी बाद में मुहर लगाई। केंद्र की शर्त के अनुसार, भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के सर्वे के बाद नदी से 21,74,843.87 घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य दिया जो 24 मई तक पूरा हो गया था। 27-28 मई को राज्य सरकार ने नदी में खनन की मियाद 30 जून तक बढ़ा दी थी। साथ ही नदी में खनन के लिए उपखनिज के पुर्न आकलन के लिए वन, सिंचाई, खनन व प्रशासन की संयुक्त टीम बनाई थी।
टीम ने सर्वे के बाद 7.50 लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी की संस्तुति की थी। वहीं, मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान ने नदी में पुर्न आकलन के बाद 5,43,710.97 घनमीटर खनन की संस्तुति की थी जो राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी के सापेक्ष करीब 2.07 लाख घनमीटर कम था। इधर, बीते बुधवार को नदी से 2924179.66 घनमीटर उपखनिज की निकासी हुई है जो लक्ष्य से 664.21 घनमीटर कम है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए गुरुवार को राजपुरा गेट खोला जाएगा और लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
गौला नदी से 2924843.87 घनमीटर का लक्ष्य था। अब सिर्फ 664.21 घनमीटर उपखनिज की निकासी शेष है। यदि वन निगम गुरुवार को गेट खोलना चाहता है तो खनन कर सकता है। फिलहाल जो गेट बंद हो गए हैं वहां गश्त की जा रही है
चंदन सिंह अधिकारी, रेंजर गौला रेंज
गौला नदी से उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा हो गया है सिर्फ 664.21 घनमीटर बाकी है। इसलिए राजपुरा को छोड़कर सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। गुरुवार को राजपुरा गेट से यह लक्ष्य पूरा होते ही यह गेट भी बंद कर दिया जाएगा।
धीरज बिष्ट, डीएलएम गौला
