शोध को बढ़ावा

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Edited By Amrit Vichar
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विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में नवाचारों के साथ-साथ कला और मानविकी के क्षेत्र में अनुसंधान देश की प्रबुद्धता व प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। शोध को बढ़ावा व अनुसंधान परितंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए देश में राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन स्थापित करने की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही थी।

अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एनआरएफ) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। बड़ी बात है कि इसमें बेहतरीन शोधकर्ता और आविष्कारक शामिल होंगे। इसके लिए संसद में राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक 2023 पेश किया जाएगा।

सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को बताया कि इस विधेयक के पारित होने पर अस्तित्व में आने वाला कानून वर्ष 2008 के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड अधिनियम का स्थान लेगा। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विज्ञान, तकनीक व नवाचार सलाहकार परिषद ने दिसंबर 2019 में एनआरएफ पर अपनी रिपोर्ट में कहा था कि देश में शोध को लेकर समन्वय कम है। योजनाबद्ध ढंग से समन्वय बढ़ाना होगा।

कई एजेंसियां फंडिंग के लिए बनी तो हैं लेकिन समन्वय न होने से प्रभावी परिणाम नहीं मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने  इंडियन साइंस कांग्रेस में एनआरएफ की योजना रखी और उसी वर्ष जून में संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एनआरएफ की घोषणा कर बताया था कि यह विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में शोध को बढ़ावा देगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बताया कि प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में एक कार्यकारी परिषद का भी गठन किया जाएगा। 

एनआरएफ के मुख्य उद्देश्यों में से एक शैक्षणिक संस्थानों, विशेष रूप से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों, जहां अनुसंधान क्षमता वर्तमान में आरंभिक चरण में है, में अनुसंधान को बढ़ावा देना, विकसित करना तथा सुविधा प्रदान करना है। एनआरएफ के जरिए बड़े स्तर की फंडिंग जुटाने में भी मदद मिलेगी।

शोध व अनुसंधान में फंडिंग के लिए देश में इस समय विज्ञान एवं तकनीकी विभाग (डीएसटी), विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और बायोटेक्नोलॉजी विभाग प्रमुख एजेंसियां हैं। एनआरएफ के बावजूद इन एजेंसियों की फंडिंग जारी रहेगी।

महत्वपूर्ण है कि इसके लिए पांच वर्षों की अवधि के लिए 50 हजार करोड़ रूपये उपलब्ध कराए जाएंगे। एनआरएफ एक संरचना है जिसमें उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान के विकास को जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की परिकल्पना एक व्यापक संरचना के रूप में की जा रही है, जो अनुसंधान एवं विकास, शिक्षा क्षेत्र तथा उद्योग के बीच संपर्कों में सुधार लाएगी। इससे उत्कृष्ट अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।