संभल: जिला अस्पताल में पहली मंजिल पर जाते समय रुकी लिफ्ट, 10 मिनट तक फंसे रहे मरीज और कर्मचारी
चार महिलाएं, तीन कर्मचारी, दो व्यक्ति और एक बच्चा फंसा, घबराए
संभल,अमृत विचार। जिला अस्पताल में लिफ्ट रुकने से चार महिलाओं और तीन कर्मचारी समेत 10 लोग फंस गए। इससे ये गर्मी में बेहाल हो गए। उन्होंने अपने परिचितों और लिफ्टमैन से संपर्क किया। करीब 10 मिनट बाद लिफ्टमैन ने चाबी लगाकर लिफ्ट खोलकर उन्हें बाहर निकाला तो उनके चेहरों पर बदहवासी दिखी।
जिला अस्पताल में मरीजों व अन्य लोगों के लिए लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। बुधवार सुबह पौने 12 बजे चार महिलाएं, तीन अस्पताल कर्मी व दो लोगों ने भूतल से लिफ्ट में प्रवेश किया। एक महिला की गोद में बच्चा भी था। महिलाओं को पहले तल पर ओपीडी में दवा लेनी थी। जैसे ही लिफ्ट पहले तल पर पहुंची तो अचानक रुक गई। इसमें फंसे लोगों और अस्पताल कर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया लेकिन सफल नहीं हुए। इससे महिलाएं समेत सभी घबरा गए। गर्मी में सभी पसीना-पसीना हो गए।
एक कर्मचारी ने लिफ्टमैन से संपर्क कर लिफ्ट रुकने की जानकारी दी। लिफ्टमैन ने उसे लिफ्ट के अंदर लगा बटन दबाने के लिए कहा। ऐसा करने के बाद भी लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। इससे सभी लोग लिफ्ट में 10 दस मिनट तक फंसे रहे। हालांकि कुछ देर में लिफ्टमैन ने पहुंचकर चाबी से लिफ्ट खोली। लिफ्ट से बाहर आईं महिलाओं और लोग घबराए नजर आए। लोगों के लिफ्ट में फंसने की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। फिर भी अस्पताल प्रशासन लिफ्ट संचालन को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है।
लिफ्ट में नहीं रहता कर्मचारी
संभल। जिला अस्पताल में लिफ्ट को ऑपरेट करने के लिए लिफ्टमैन की तैनाती है, लेकिन यह कर्मचारी लिफ्ट में दिखाई नहीं देता। बल्कि कुछ चिकित्सक व कर्मचारी लिफ्टमैन से अपने काम कराते हैं। बुधवार को जिस वक्त लोग लिफ्ट में फंसे, उस समय भी लिफ्टमैन लिफ्ट में नहीं था। हालांकि वह लोगों के संपर्क साधने पर लिफ्ट में पहुंच गया था।
लिफ्ट में लोगों के फंसने की जानकारी मिली थी। वैसे लिफ्ट अस्पताल में भर्ती मरीजों या फिर ऐसे रोगियों के लिए होती है जो स्ट्रेचर पर जाने लायक हैं। ओपीडी में दवा लेने आने वाले मरीज भी लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। - डॉ. अनूप कुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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