केजीएमयू तीमारदार को लौटाएगा 10 के बदले 18 हजार, महिला का शव देने के बदले हुई थी वसूली
लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मरीज और उनके परिजनों को व्यवस्था की मार आये दिन झेलनी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत पारदर्शिता के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन सिस्टम ही समस्या का कारण बन रहा है। जिसका खामियाजा मरीज और उनके परिजनों को उठाना पड़ता है। इसी तरह के एक मामले में केजीएमयू के आईटी सेल की तरफ से मृतका के परिजनों को 10 हजार की बजाया 18 हजार रूपये वापस करने के लिए बुलाया गया है।
दरअसल, पूरा मामला केजीएमयू के ट्रामा स्थित बिलिंग काउंटर से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि वेंटीलेटर पर कई दिन चले लंबे इलाज के बाद मरीज की मौत हो गई। इस दौरान 38 हजार से अधिक रूपये मरीज के परिजन जमा कर चुके थे, लेकिन जब मरीज की मौत हुई और परिजन मरीज का शव ले जाने लगे, तो उन्हें दस हजार बकाया की बात पता चली। बिना दस हजार रूपये जमा किये तीमारदार शव नहीं ले जा सकते थे। ऐसे में मजबूरन उन्हें दस हजार रूपये जमा करने पड़े। जबकि परिजन बिलिंग काउंटर पर बार-बार कहते रहे कि उनसे दस हजार रूपये गलत लिये जा रहे हैं, लेकिन वहां उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। हालांकि दस हजार रूपये जमा करने के बाद परिजन शव लेकर चले गये। बाद में परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत सीएमएस डॉ.एसएन.शंखवार से की। उसके बाद आईटी सेल की तरफ से भी यह बात मानी गई की मृतका के परिजनों से दस हजार रूपये अधिक लिये गये हैं। पूरे मामले की जांच हुई जिसके बाद दस नहीं बल्कि 18 हजार रूपये लौटाने की बात आईटी सेल कर रहा है। आईटी सेल की तरफ से रूपये देने के लिए परिजनों को बुलाया गया है।
यह था मामला
बहराइच के गांव मरौचा निवासी पुष्पा तिवारी (67) को किडनी में दिक्कत थी, जिसके चलते पहले ट्रामा सेंटर और बाद में शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुष्पा तिवारी की मौत 14 दिसंबर की रात में हुई थी। शव ले जाने के लिए परिजनों को दस हजार अधिक जमा करना पड़ा था। करीब छह महीने बाद ही सही केजीएमयू प्रशासन की सख्ती के बाद आईटी सेल की तरफ से रूपये लोटाने की बात की गई है। इतना ही नहीं पीड़ित परिजनों के पास पैसा ले जाने के लिए फोन भी आईटी सेल की तरफ से किया गया है।
यह भी पढ़ें : ईद उल अजहा : लखनऊ की मस्जिदों में अदा की गई नमाज, अमन और शांति की दुआ में उठे हजारों हाथ
