टनकपुरः 24 घंटे बाद भी नहीं खुल पाया पूर्णागिरि मार्ग, श्रद्धालुओं के चेहरों पर छाई मायूसी
टनकपुर, अमृत विचार। क्षेत्र और पहाड़ों में गुरुवार की शाम को हुई भारी वर्षा से एक बार फिर पूर्णागिरि मार्ग बाधित हो गया। यह मार्ग शुक्रवार को भी दिनभर नहीं खुल पाया, जिससे मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई श्रद्धालु तो धाम के दर्शन किए बगैर मार्ग से ही घर को लौट गए।
बाटनागाड़ के पास भारी मात्रा में बड़े बोल्डर और मलबा आ गया है, हालांकि इनको हटाने के लिए दो जेसीबी मशीन लगाई गई हैं लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से मार्ग नहीं खुल पा रहा है। इस क्षेत्र में भारी मलबा आ जाने से कई वाहन फंस गए जिनको निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी, हालांकि सरकारी तौर पर मेले का समापन हो गया है लेकिन अभी भी खासकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को भारी संख्या में पहुंच रहे हैं।
बाटनागाड़ के पास जिस स्थान पर बार-बार मार्ग बाधित हो रहा है श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाटनागाड़ के दूसरे छोर में वाहन लगाए गए हैं जो श्रद्धालुओं को भैरव मंदिर तक ले जा रहे हैं। वहीं भारी मलबा आने से पैदल चल रहे श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक मां पूर्णागिरि धाम में पूजा अर्चना को बंद रखा गया है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा से एक ओर जहां जनजीवन प्रभावित हो गया है वहीं मौसम में भी बदलाव आ गया है। क्षेत्र में हो रही यह वर्षा मैदानी क्षेत्र टनकपुर और बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों के काश्तकारों की धान की रोपाई के लिए खासी फायदेमंद बताई जा रही है।
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