Digital Devices से निकलने वाली रेडिएशन बढ़ा न दे मुश्किलें, खतरनाक बीमारियों को देता है दावत
आज के समय में टेक्नोलॉजी बेहद आगे बढ़ चुकी है, बाजार से कुछ सामान लेने के लिए हमें बाजार जाने की जरूरत नहीं बस एक मोबाइल फोन और उसमें इंटरनेट की जरूरत है मात्र एक क्लिक में आपका सामान आपके घर पहुंच जाएगा पर टेक्नोलॉजी के इस जमाने में डिजिटल डिवाइस से निकलने वाली रेडिएशन से हमें परेशानी हो सकती है।
दरअसल, रेडिएशन एक प्रकार की ऊर्जा होती है, जो हमारे शरीर के लिए अच्छी नही होती। इसे ध्वनि, बिजली, इलेक्ट्रॉन या न्यूक्लियर विकिरण के माध्यम से, उत्पन्न किया जा सकता है।
क्या होती है बिन्दुवत रेडिएशन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन?
आयनिक रेडिएशन वो रेडिएशन होती है जिस में वस्तु या पदार्थ को आयन बनाता है यह रेडिएशन बेहद अस्थिर होता है और वायुमंडल के तहत बहुत दूर फैल सकती है।
बिन्दुवत रेडिएशन एक बिंदु से निकलती है और दूसरे बिंदु तक ही पहुंचता है, वहीं बात इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन रेडिएशन की करे तो यह वे रेडियो होती है जो माइक्रोवेव के रूप में विभिन्न फ्रीक्वेंस वाली ऊर्जा के रूप में आती है।
इन ही में से एक न्यूक्लियर रेडिएशन भी होती है जो मानव शरीर के लिए बेहद हानिकारक होती है। यह रेडियोएक्टिव अणुओं के विकिरण के माध्यम से उत्पन्न होता है। इस रेडिएशन से कई तरह की गंभीर बीमारियां भी हो सकती है जैसे कैंसर, आंतरिक अंगों के अधिक दोष, औसत से अधिक विकार, दांतों और मसूड़ों के विकार, नाबालिगों में विकास और इम्यून सिस्टम के दोष आदि।
इन डिवाइस से हो सकता है रेडिएशन का खतरा
1- मोबाइल फोन: मोबाइल फोन माइक्रोवेव रेडिएशन जेनरेट करते हैं जो शरीर के लिए बेहद खतरनाक होती है, अगर आप मोबाइल फोन को लंबे समय तक अपने कान के पास रखते हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
2- माइक्रोवेव ओवन: माइक्रोवेव ओवन में भी माइक्रोवेव रेडिएशन होती है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है इसका अधिक इस्तेमाल करने वालों को आंतरिक अंगों और न्यूरोलॉजिकल दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
