हल्द्वानी: मानसूनी बारिश के बीच कांवड़ ड्यूटी में लगा भारी पुलिस बल

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Edited By Amrit Vichar
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पहले ही पुलिस की कमी से जूझ रहे कुमाऊं के सामने बरसात के सीजन में इस बार बड़ी चुनौती

हर साल जानलेवा साबित होती है भू-स्खलन और नदियों का उफान कुमाऊं के 6 जिलों से रवाना होंगे पुलिस के 600 अधिकारी व कर्मी

हल्द्वानी, अमृत विचार। मानसूनी बारिश शुरू हो चुकी है और कांवड़ यात्रा सिर पर है। दोनों ही स्थानों पर पुलिस बगैर काम नहीं चल सकता। ऐसे में पहले ही पुलिस की कमी से जूझ रहे कुमाऊं पर बरसात का मौसम भारी पड़ सकता है।

क्योंकि हर साल भूस्खलन और नदियों का उफान कई जिंदगी लील जाता है। ऐसे हालात में मुस्तैद रहने वाली पुलिस के काफी जवान कांवड़ ड्यूटी के लिए जा रहे हैं। ऐसे में शेष पुलिस जवानों के लिए बरसात में यातायात सामान्य रखना और आम लोगों की सुरक्षा करना बड़ी चुनौती होगी। 

पुलिस आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा पुलिस ऊधमसिंहनगर जिले से रवाना की जा रही है और ये जिला बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। इस जिले से 5 निरीक्षक/थानाध्यक्ष/एसएसआई, 35 एसआई, 3 महिला एसआई और 150 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल भेजे जा रहे हैं।

जबकि नैनीताल जिले से 4 निरीक्षक/ थानाध्यक्ष/ एसएसआई, 20 एसआई, 3 महिला एसआई और 130 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, अल्मोड़ा से 2 निरीक्षक/ थानाध्यक्ष/ एसएसआई, 6 एसआई, 1 महिला एसआई और 60 हेड कांस्टेबल/ कांस्टेबल, चम्पावत से 1 निरीक्षक/ थानाध्यक्ष/ एसएसआई, 5 एसआई, 1 महिला एसआई और 50 हेड कांस्टेबल/ कांस्टेबल, पिथौरागढ़ से 2 निरीक्षक/ थानाध्यक्ष/ एसएसआई, 6 एसआई, 1 महिला एसआई और 70 हेड कांस्टेबल/ कांस्टेबल और बागेश्वर जिले से 1 निरीक्षक/ थानाध्यक्ष/ एसएसआई, 3 एसआई, 1 महिला एसआई और 40 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल कांवड़ ड्यूटी में भेजे जाएंगे। 

बता दें कि कुमाऊ के 6 जिलों में करीब साढ़े 3 हजार हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हैं। ये संख्या नियम के हिसाब से पहले ही कम और अब 500 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल कांवड़ ड्यूटी में चले जाएंगे। जिसके बाद मौजूदा संख्या 3 हजार से भी कम हो जाएगी। इन हालात में मानसूनी सीजन पुलिस और आम जनता पर भारी पड़ सकता है।  

 

जनपद           निरीक्षक, थानाध्यक्ष            एसआई         महिला एसआई       हे.का./का.
                        एसएसआई  


ऊधमसिंहनगर           5                                 35              3                150
नैनीताल                    4                                 20              3                130 
अल्मोड़ा                    2                                  6               1                 60 
चम्पावत                    1                                  5               1                 50 
पिथौरागढ़                  2                                 6               1                 70 
बागेश्वर                      1                                 3               1                 40 
योग                         15                              75              10               500

 

बाढ़ व जलभराव की दृष्टि से चिह्नित किए गए ये जिले

- ऊधमसिंह नगर
- देहरादून
- टिहरी
- उत्तरकाशी
- पिथौरागढ़
- चंपावत
- चमोली
- हरिद्वार
- पौड़ी
- रुद्रप्रयाग


ऊधमसिंहनगर में 32 और नैनीताल में 17 बाढ़ चौकियां

इस साल मानसूनी सीजन के मद्देनजर राज्य में 113 स्थानों पर बाढ़ चौकियां स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इनमें ऊधमसिंह नगर जिले में 32, नैनीताल में 17, हरिद्वार में 12, देहरादून में 11, टिहरी में 7, चमोली में 6, चंपावत 5, बागेश्वर 5, उत्तरकाशी 5, पौड़ी में 5, रुद्रप्रयाग में 4, अल्मोड़ा में 3, पिथौरागढ़ में 1 बाढ़ सुरक्षा चौकी शामिल है। 


इस साल पहुंचेंगे 4 करोड़ से ज्यादा कांवड़िये

आगामी 4 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा में करोड़ों कांवड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है। बीते वर्ष सावन की शिवरात्रि से पहले हरिद्वार में कांवड़ लेने के लिए 3.88 करोड़ कांवड़िए देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे थे। इस वर्ष कांवड़ मेले में यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि ये संख्या 4 करोड़ के पार जा सकती है।

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