अयोध्या: सोमवार से खुलेंगे स्कूल, लोग बोले- जिम्मेदार इतना बता दें बच्चे कैसे जाएं स्कूल?

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Edited By Amrit Vichar
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'अमृत विचार' ने सहेजा अभिभावकों का दर्द, लोगों ने कहा बुरे हालात

अयोध्या/अमृत विचार। नव्य अयोध्या के सृजन को लेकर गलियां और सड़कें खुदी पड़ी हैं। बारिश ने इन खुदी गलियों और सड़कों का पूरी तरह से सत्यानाश कर दिया है। गर्मी की छुट्टी के बाद सोमवार से स्कूल खुल रहे हैं ऐसे में सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठ गया है। निर्माणाधीन रामपथ और महानगर की तमाम गलियों की मौजूदा दशा के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में रविवार को ' अमृत विचार' ने अभिभावकों और लोगों के दर्द को सहेजने का काम किया। लोगों ने कहा कि शासन और प्रशासन के जिम्मेदार बस इतना बता दें कि बच्चे ऐसी दशा में स्कूल कैसे जायेगें, उनकी सुरक्षा और संरक्षा की गारंटी कौन लेगा?

नहरबाग के निवासी रमेश कुमार वर्मा का कहना है कि उनका पुत्र कक्षा छह में उदया पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। आटो लगी है लेकिन जाना दुश्वार है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से काम हुआ है वह जांच का विषय है। अंगूरीबाग के रहने वाले साहबदीन रस्तोगी कहते हैं कि उनकी पुत्री कक्षा दो में कनौसा की छात्रा है, बाइक से छोड़ने जाते थे, अब कैसे जायेगें यह सोंच कर पूरा परिवार परेशान है। बच्ची को लाना ले जाना पहाड़ चढ़ने जैसा है।

आवास विकास कालोनी के मतलूब खान का पुत्र फैजाबाद पब्लिक स्कूल में कक्षा दस का छात्र है, स्कूटी है लेकिन घरवालों ने उससे आने-जाने से मना कर दिया है। अभिभावक का कहना है कि बच्चे की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती है। हैदरगंज के निवासी राजाराम यादव के दो बच्चियां साहबदीन सीताराम स्कूल की छात्राएं हैं लेकिन स्कूल नहीं जा पा रहीं हैं। साहबगंज निवासी अशोक कुमार का कहना है कि दो बच्चे गुरुनानक स्कूल खिड़की अली बेग में पढ़ रहे हैं। दोनों के लिए ई-रिक्शा लगा रखा है लेकिन कल ही ई-रिक्शा वाले ने ले जाने से मना कर दिया है।

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उसने बताया कि इस रोड पर बच्चों को लेकर नहीं जा सकता है कुछ हो गया तो उसी की जिम्मेदारी मानी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इसे लेकर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। नियावां के रहने वाले अष्टभुजा चतुर्वेदी का कहना है कि बारिश के कारण सड़क चलने लायक नहीं है, छुट्टी हो चाहे नहीं कुछ दिनों तक उदया में पढ़ने वाले अपने बच्चों को स्कूल तो नहीं भेजेगें। प्रशासन को कोई चिंता नहीं है ऐसे में खतरा मोल नहीं लेना है।

एक शिक्षक की पाती जिलाधिकारी के नाम

श्रीमन् ,
ग्रीष्मावकाश के बाद कल से लगभग सभी विद्यालय पुनः खुलने वाले हैं। श्रीराम पथ निर्माण और अयोध्या के सौन्दर्यीकरण के दौरान हुये शहर के हर गलियों ओर सड़कों को बुलडोजरों की मदद से चूहे की बिल की भांति चाल डाला गया है। विनाश निर्माण की पहली शर्त है। अब मौसमी बारिश भी अपने चरम पर है। शहर की हर गलियों में पानी भरा हुआ है। बारिश की चपेट में आये कीचड़ सड़कों पर फैल कर दुष्वारियों को बढ़ा ही दिये हैं। विद्यालयों में जाने वाले असंख्य विद्यार्थियों को अनगिनत और अबूझ मुसीबतों का सामना करना ही पड़ेगा। ऐसे अनेक छात्र/छात्रायें हैं जो अभी भी साइकिल चलाने में माहिर नहीं हैं, और विद्यालय साइकिल से ही आते हैं । जहां दक्ष चार पहिया और दो पहिया चलाने वाले गिर रहे हों, वहां इन नौनिहालों का क्या हस्र होगा ? इन बेचारों को मुसीबत में पड़ने की पूरी सम्भावना है। ऐसे में विद्यार्थियों के हितार्थ यह निवेदन है कि नगरीय विद्यालयों को अभी कुछ दिन और बन्द रखते हुये उन्हें ऑनलाइन टीचिंग का आदेश देकर किसी अनहोनी से विद्यार्थियों को बचा लें। अभी समय है। समय रहते आप द्वारा पारित आदेश विद्यार्थी हित में ही होगा ..., अमर नाथ तिवारी, गुरुनानक पब्लिक स्कूल, अयोध्या।

महापौर ने जारी किया टोल फ्री नंबर
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने अभिभावकों और लोगों की समस्या को लेकर रविवार को दो टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। महापौर ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर इसे पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि अयोध्या नगर निगम के अन्तर्गत स्कूली बच्चों के आवागमन में एवं शहर में जलभराव से उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003131277 और 1533 पर काल की जा सकती है। समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।

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