नैनीतालः वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा में खोज निकाला भूतिया कण, इस क्षेत्र को मिल सकती नई दिशा, ये वैज्ञानिक रहे शामिल
बबलू चंद्रा, नैनीताल, अमृत विचार। ब्रह्माण्ड की नित नई खोज एक नया आयाम सामने ला खड़ा करती है। अब जो नई खोज हुई है, वह अद्भुत कण है, जिसे वैज्ञानिकों ने भूत कण (घोस्ट एटम) नाम दिया है। हमारी मिल्की वे में इस कण को पहली बार देखा गया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भौतिक विज्ञान को नई दिशा दे सकती है।
अद्भुत एवं हैरान करने वाली है खोज
यह खोज अद्भुत व हैरान करती है। खोजे गए कण को भूत नाम देना, इसके भूतिया स्वभाव को उजागर करता है। खगोलविदों ने हमारी आकाशगंगा के भीतर से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो का पता लगाया है, जो संभावित रूप से अनुसंधान की एक रोमांचक दिशा प्रदान कर रहा है। न्यूट्रिनो को पहचानना असाधारण रूप से कठिन है, क्योंकि वे शायद ही कभी परमाणुओं से टकराते हैं। एक प्रकाश वर्ष मूल्य का सीसा इसके माध्यम से उड़ने वाले लगभग आधे न्यूट्रिनो को ही रोक पाता है। इसे भूत कण कहे जाने को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूट्रिनो रेडियोधर्मी क्षय से निर्मित होते हैं, जैसे कि परमाणु रिएक्टरों में या जब असाधारण रूप से उच्च ऊर्जा कण परमाणुओं से टकराते हैं।
गहन अध्ययन के बाद हुआ खुलासा
सबसे डरावने प्रकारों में तारों को शक्ति प्रदान करने वाली संलयन प्रतिक्रियाओं से उत्पन्न ऊर्जा की तुलना में इनमें लाखों से अरबों गुना अधिक ऊर्जा होती है। उच्च ऊर्जा न्यूट्रिनो आकाशगंगा से परे आकाशगंगाओं से उत्पन्न होने के लिए जाने जाते हैं। मगर शोधकर्ताओं को लंबे समय से संदेह था कि इसका श्रोत हमारी अपनी आकाशगंगा भी हो सकता है और गहन अध्ययन के बाद यह मायावी रूप से सामने आया है।
जर्मनी के वैज्ञानिकों की टीम रही खोज में शामिल
इस खोज में अमुंडसेनस्कॉट साउथ पोल स्टेशन के आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीयू डॉर्टमुंड विश्वविद्यालय जर्मनी के एस्ट्रोपार्टिकल भौतिक विज्ञानी मिर्को ह्युनेफेल्ड समेत उनकी वैज्ञानिक टीम ने यह खोज की है।
