ट्विटर का नया कदम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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ट्वीट पढ़ने की सीमा तय किए जाने पर उपयोगकर्ताओं से मिली शिकायतों के बाद ट्विटर के मालिक एलन मस्क का जवाब इस बात को पुष्ट करता है कि इस माइक्रो ब्लागिंग साइट से डेटा को चुराया जा रहा था। आज दुनिया के अधिकांश लोगों की जानकारी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर उपलब्ध है।

इनमें से किसी भी जानकारी के जरिये विभिन्न देश अपने दुश्मन देश को निशाना बना सकते हैं। चीन, रूस और अमेरिका पर चुनावों में हस्तक्षेप से लेकर कई देशों के संवेदनशील क्षेत्रों और संस्थाओं की जानकारी चोरी करने के आरोप हैं। डाटा चोरी के जमाने में हाइब्रिड वारफेयर शब्द तेजी से चलन में आ रहा है।

असैन्य तरीकों से किसी देश पर प्रभुत्व हासिल करना या उसे नुकसान पहुंचाना हाइब्रिड वारफेयर है और डाटा लीक इसी से जुड़ा है। कई एप और कंपनियां सार्वजनिक जानकारी इकट्ठा करती हैं और उसे अन्य कंपनियों को बेचती हैं। जानकारों के मुताबिक गत वर्ष दिसंबर में एक हैकर ने दावा किया था कि उसने लगभग 40 करोड़ ट्विटर यूजर्स का डाटा चुरा लिया है।

शनिवार को मस्क ने कहा कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) का काम करने वाली लगभग हर कंपनी, स्टार्टअप से लेकर पृथ्वी के कुछ सबसे बड़े निगमों तक, बड़ी मात्रा में डेटा स्क्रैप कर रही थीं। ‘असत्यापित खाते’ वाले उपयोगकर्ताओं पर एक दिन में 600 ट्वीट ही देखने की सीमा तय किए जाने के बाद इस सोशल मीडिया मंच का उपयोग कर पाने में दिक्कत होने की शिकायतें की गईं।

 भारत सहित दुनिया भर में लाखों उपयोगकर्ताओं ने एलन मस्क की आलोचना की, क्योंकि उनके माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी खराबी का सामना करना पड़ा। इससे पहले ट्विटर ने बिना अकाउंट वाले लोगों के लिए अपने वेब प्लेटफ़ॉर्म पर ब्राउज़िंग एक्सेस बंद कर दी थी, क्योंकि मस्क ने कहा था कि ‘डेटा स्क्रैपिंग के अत्यधिक स्तर’  के कारण यह कठोर कार्रवाई जरूरी थी।

गौरतलब है कि ट्विटर के दुनियाभर में 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। मस्क ने इस साल की शुरुआत में ट्विटर का राजस्व बढ़ाने के लिए सत्यापित खातों पर आठ अमेरिकी डॉलर प्रति महीने का शुल्क लगाया था और लागत में कटौती के लिए करीब तीन चौथाई कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी।

समझा जा रहा है कि नवीनतम आउटेज पिछली चाल को निष्पादित करने के लिए बैकएंड परिवर्तनों का परिणाम था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ट्विटर के कई हालिया बदलावों की तरह, यह नया कदम भी उल्टा पड़ सकता है। क्योंकि अगर ट्वीट सार्वजनिक रूप से सुलभ नहीं हैं, तो खोज इंजन एल्गोरिदम ट्विटर की सामग्री को कम रैंक कर सकते हैं। ट्विटर के लगातार विवादास्पद निर्णयों के बाद फॉलोअर्स की संख्या में गिरावट दिखाई देगी।