रामपुर : ढाई वर्ष की मासूम से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास, एक लाख का जुर्माना भी लगाया
विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने सुनाया फैसला
रामपुर,अमृत विचार। ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने आरोपी खेमकरन को आजीवन कारावास और एक लाख का जुर्माना डाला है। मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के एक गांव का है कि उसके पड़ोस का रहने वाला खेमकरन उसकी ढाई साल की बच्ची को अक्सर अपने घर पर ले जाता था। 21 मार्च 2023 को भी खेमकरन उसको दरवाजे से उठाकर ले गया। जिसको ले जाते हुए गांव के कुछ लोगों ने देखा था,लेकिन मासूम के नहीं मिलने के कारण परिजनो ने उसको काफी तलाश किया था,तो गांव के ही एक खेत में उसकी बेटी बेहोशी की हालत में मिली थी।
परिजन जब उसको घर ले गए,तो उसके शरीर पर चोट थी। परिजनों को पता चला कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है। उसके बाद आरोपी खेमकरन के खिलाफ थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। उसके बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। जिसकी सुनवाई विशेष न्यायधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को पीठासीन अधिकारी मोहम्मद रफी ने आरोपी खेमकरन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक सुमित शर्मा ने बताया धारा 363 में सात वर्ष का कारावास और 50 हजार का जुर्माना लगाया है जबकि धारा छह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत आजीवन कारावास और एक लाख का जुर्माना डाला है।
एक माह 28 दिन में सुनाया गया फैसला
ढाई साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपी को कोर्ट ने एक माह 28 दिन के अंदर ही फैसला सुना दिया। विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शर्मा ने बताया कि पांच मई 2023 को चार्ज फ्रेम हुआ था। उसके बाद मात्र 1 माह 28 दिन के अंदर ही उसको सजा हो गई। इस दौरान 11 गवाहों के बयान दर्ज हुए। वही आदेश पर भी टिप्पणी की गई है कि सामाजिक परिवेश और कुछ व्यक्तियों की कुंठित मनोदशा को देखते हुए यह आवश्यक है कि सभी माता पिता अपने छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को बिना देखभाल के नहीं छोड़ें। जिससे कोई व्यक्ति उनके जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं करें। इस प्रकार के प्रकरण अधिकतर परिवारों के लोगों द्वारा या फिर आसपास लोगों के द्वारा किए जाते है।
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