शांतिपुरी में अवैध अतिक्रमण पर चली जेसीबी
शांतिपुरी, अमृत विचार। शांतिपुरी नम्बर-1 में बुधवार को अवैध अतिक्रमण पर ग्राम प्रधान, लोक निर्माण विभाग तथा राजस्व विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अतिक्रमण पर जेसीबी चलाई गई। इस दौरान जेसीबी की मदद से सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए पौधे, पक्के फर्श एवं अवरोधों को तोड़ा गया।
बता दें कि अमृत विचार समाचार पत्र ने गत दिनों शांतिपुरी में सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण व निकासी ना होने पर जलभराव एवं सड़क क्षतिग्रस्त होने संबंधी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका संज्ञान लेते हुए बुधवार दोपहर में अचानक जेसीबी के साथ पहुंचे लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग एवं ग्राम प्रधान विमला कैलाश जोशी ने गांव में सड़क के दोनों ओर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए जेसीबी चलाई।
अभियान के पहले दिन बुधवार को सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए पौधे, पक्के फर्श एवं अवरोधों को तोड़ा गया। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकांश ग्रामीणों ने अधिकारियों के अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान का समर्थन किया। शांतिपुरी नंबर-1 मुख्य चौराहे से शुरू हुए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान का समर्थन कर पूर्व सैनिक कमलेश जोशी, दिनेश कांडपाल, मनोज चंदोला, जगदीश कांडपाल, गणेश जोशी, विजेंद्र जोशी, राजू चंदोला (हेमंत), दीवान थापा, राजेंद्र खनका, हरेंद्र चौहान, विक्रम ठठोला आदि ने लोक निर्माण विभाग के एई प्रकाश लाल व पटवारी राजकुमार के सम्मुख गांव में अवैध अतिक्रमण को निष्पक्ष रूप से जुड़वा कर सड़कों पर रुके पानी के निकास हेतु नाली खुदवाने की अपील की। जिस पर अधिकारियों ने ग्रामीणों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान एई प्रकाश लाल, पटवारी राजकुमार, पीडब्लूडी अमीन परमानंद, कमल ठठोला, यूकेडी जिलाध्यक्ष मोहन चंद्र पाण्डे समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
नौ दिन पहले सोमवार को अमृत विचार में प्रमुखता से 'अतिक्रमण करा रहा पानी पर भ्रमण' शीर्षक से छपी खबर पर प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार को जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारियों ने अतिक्रमण को ध्वस्त करा दिया। जिससे स्थानीय निवासियों को जलभराव से निजात मिलने की उम्मीद जाग उठी है।
गांव के अंदर लोकनिर्माण विभाग से बनी जिन सड़कों की सीएम पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं। उन सभी का प्राथमिकता से संज्ञान लेकर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-प्रकाश लाला, एई, लोक निर्माण विभाग
