चिंता की बात
माइक्रोब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पिछले कुछ समय से हैकिंग को लेकर चर्चा में है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अकाउंट हैक होने से सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म और इंटरनेट से जुड़ी सुरक्षा पर फिर एक बार सवालिया निशान लग गया। ट्विटर ने जानकारी दी कि इसे ठीक कर लिया गया है। हैक होने के पश्चात उनके …
माइक्रोब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पिछले कुछ समय से हैकिंग को लेकर चर्चा में है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अकाउंट हैक होने से सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म और इंटरनेट से जुड़ी सुरक्षा पर फिर एक बार सवालिया निशान लग गया। ट्विटर ने जानकारी दी कि इसे ठीक कर लिया गया है। हैक होने के पश्चात उनके अकाउंट से बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित ट्वीट पोस्ट किए गए थे। हैक हुआ अकाउंट प्रधानमंत्री मोदी की निजी वेबसाइट से जुड़ा हुआ है, वहीं इस पर उनके 25 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। ऐसा नहीं है कि हैकिंग की घटना को पहली बार अंजाम दिया गया है।
गत जुलाई में हैकर्स ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, टेस्ला के एलन मस्क, मशहूर रैपर कायने वेस्ट, टेक कंपनी एपल और उबर का भी एकाउंट हैक किया गया। दोनों हैक में समानता ये रही कि क्रिप्टोकरेंसी की मांग की गई। यानी दोनों हैकिंग क्रिप्टोकरेंसी फ़्रॉड से जुड़ी है। गत वर्ष महानायक अमिताभ बच्चन का ट्विटर अकाउंट हैक कर उस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की तस्वीर लगा दी गई थी।
ट्विटर के अनुसार प्रधानमंत्री का अकाउंट के हैक होने और जुलाई में हुई घटना के बीच किसी भी तरह के संबंध का कोई संकेत या सबूत नहीं है। ट्विटर या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर जिन यूजर्स की फॉलोइंग हज़ारों-लाखों की संख्या में होती है, उनकी प्रोफाइल जांचकर ब्लू-टिक का ठप्पा लगाया जाता है।
इनकी सुरक्षा आम अकाउंट के मुकाबले ज्यादा कड़ी होती है। कई परतों की सिक्योरिटी को पार करते हुए सिस्टम में हैकर का प्रवेश चिंता की बात है। सुरक्षा कवच तोड़कर यह कैसे किया गया, हैरान करने वाली बात है। इस बार तो हैकर्स ने बिटक्वाइन मांगने और आर्थिक ठगी के लिए हैक किया था पर अगर आगे राजनीतिक मकसद से हैकिंग हो तो क्या होगा? अगर किसी का एकाउंट हैक हो और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली या सामाजिक विद्वेष फैलाने वाले ट्विट होने लगें तो क्या होगा?
इससे आर्थिक तबाही और राष्ट्र सुरक्षा तक को ठेस पहुंच सकती है। कोरोना वायरस के चलते लोग घरों के नेटवर्क पर काम कर रहे हैं। इसे देखते हुए हालिया समय में हैकर्स तेज़ी से हरकत में आए हैं। साइबर हमलों से लड़ाई काफी पेचीदा है। इसके लिए साइबर सुरक्षा और उससे जुड़ी नीतियों को बढ़ावा देना होगा। बड़े स्तर की हैकिंग और उनसे होने वाले नुकसान से बचने के लिए पहले से तैयारी ज़रूरी है। लगता है कंपनी ने जुलाई की घटना से सबक नहीं लिया है। उसे डैमेज कंट्रोल के बजाय एहतियात बरतनी बेहतर होगी।
