PM Modi France Visit: 'भारतीय अर्थव्यवस्था, चीन का बढ़ता खतरा, रूस-यूक्रेन युद्ध', इंटरव्यू में पूछे ये सवाल तो पीएम मोदी ने ऐसे दिया जवाब

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिन की फ्रांस यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं। पीएम फ्रांस की वेस्टिल डे परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। फ्रांस की यात्रा से  ठीक पहले पीएम मोदी ने फ्रांसिसी अखबार लेस इकोस को एक इंटरव्यू दिया। इसमें चीन के खतरे, ग्लोबल साउथ और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ के अधिकारों को दुनियाभर में लंबे समय से नकारा गया है, यही वजह है कि इन देशों में इसका दर्द नजर आता है। ''मैं भारत को 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक मजबूत कंधे के तौर पर देखता हूं। पीएम मोदी ने इस इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे भारत 2047 तक एक विकसित देश बनने की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, ऐसे में उसे फिर से अपनी सही जगह पाने की जरूरत है। इंटरव्यू में पीएम मोदी ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की वकालत भी की। पीएम मोदी ने कहा, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद दुनिया की बात करने का दावा कैसे कर सकता है, जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश ही इसका स्थायी सदस्य नहीं है। 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को हमारी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ, 2047 तक एक विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने के उद्देश्य से प्रमुख आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और बहुत जल्द तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। हम 2047 में भारत को एक विकसित देश बनते देखना चाहते हैं। एक विकसित अर्थव्यवस्था जो अपने सभी लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और अवसरों की जरूरतों को पूरा करती है। 

'भारत लोकतंत्र की ताकत का सशक्त प्रमाण बनेगा'
पीएम मोदी ने कहा-  भारत एक जीवंत और सहभागी संघीय लोकतंत्र बना रहेगा, जिसमें सभी नागरिकों के अधिकार सुरक्षित हों, उनके अधिकार सुरक्षित हों, वे राष्ट्र में अपने स्थान के प्रति आश्वस्त हों और अपने भविष्य को लेकर आशावादी हों। पीएम मोदी ने कहा, भारत इनोवेशन और टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेता बनेगा। सस्टेनेबल लाइफस्टाइल, स्वच्छ नदियों, नीले आसमान और जैव विविधता से भरपूर और वन्य जीवन से भरपूर जंगलों वाला देश। हमारी अर्थव्यवस्था अवसरों का केंद्र, वैश्विक विकास का इंजन और कौशल एवं प्रतिभा का स्रोत होगी। भारत लोकतंत्र की ताकत का सशक्त प्रमाण बनेगा। हम अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित और बहुपक्षवाद के अनुशासन पर आधारित एक अधिक संतुलित बहुध्रुवीय दुनिया को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।'

प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरव्यू के दौरान भारतीय सिनेमा, संगीत और योग की वैश्विक पहुंच का भी जिक्र किया। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा के लिए नई रुचि और एक चिकित्सक के रूप में योग की सार्वभौमिक सफलता की ओर इशारा करते हुए, भारतीय ‘सॉफ्ट पावर’ का भी जिक्र किया।

'भारत-फ्रांस के रिश्ते टर्निंग प्वाइंट पर'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, 'कोरोना के बाद वर्ल्ड ऑर्डर में बदलाव आया है, इसमें भारत-फ्रांस की साझेदारी अहम किरदार निभा रही है। इस दौरे में हमारा फोकस आने वाले 25 साल के लिए रोडमैप तैयार करना है। बुरे से बुरे वक्त में हम साथ रहे हैं और हमारी कोशिश दोस्ती को और भी मज़बूत करने की है।' चीन को लेकर जब प्रधानमंत्री से सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि भारत हमेशा बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान चाहता है। सभी देशों की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून कायम रखना भी जरूरी है। हमारा मानना ​​है कि इसके माध्यम से स्थायी क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।

'रूस-यूक्रेनको बातचीत और कूटनीति से संबंधों को सुधारना चाहिए'
इंटरव्यू के दौरान फ्रैंच पत्रकारों ने रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर भी पीएम मोदी से सवाल किए। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि भारत का रुख पारदर्शी, स्पष्ट और सुसगंत है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से कई बार बात की है। जापान में जेलेंस्की से मुलाकात भी की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के शीर्ष नेताओं से कहा कि ये युद्ध का युग नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति से संबंधों को सुधारना चाहिए।

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