Jalaun News : यमुना नदी का जल स्तर दिखाने लगा तेवर, लोग करने लगे सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी

Amrit Vichar Network
Published By Nitesh Mishra
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जालौन में यमुना नदी का जल स्तर दिखाने लगा तेवर।

जालौन में यमुना नदी का जल स्तर दिखाने लगा तेवर। जबकि बेतवा अभी भी शांत है। यमुना नदी किनारे के गांव के लोग सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी करने लगे।

जालौन, अमृत विचार। एक ओर जहां लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं, तो वहीं बांध से भी पानी छोड़ा जाने लगा। इसका असर कालपी में यमुना नदी में साफ नजर आने लगा है। हथनीकुंड बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शनिवार को अचानक यमुना का जल स्तर बढ़ गया। यह देख किनारे के गांव वाले बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए तैयारियों में जुट गए है। माना जा रहा है कि पानी और न छोड़ा गया तो फिर कोई खतरा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ बेतवा नदी का जल स्तर स्थिर बना हुआ है।

कालपी संवाददाता के अनुसार पिछले साल बाढ़ की विभीषिका झेल चुके नदी के किनारे गांव के बाशिंदे चौकन्ना है। हर किसी की नजर जलस्तर पर टिकी है। प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है, लगातार अपडेट लिया जा रहा। बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया। लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर है। यहां पर युमना अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है।

ऐसे में अधिकारी प्रतिदिन के हिसाब से इसकी रिपोर्ट मांग रहे हैं। शनिवार को हथिनीकुंड बैराज से 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। उम्मीद व्यक्त की जा रही है, कि दो से तीन मीटर तक जल स्तर और बढ़ेगा। यमुना का खतरे का निशान 108 मीटर पर है शनिवार को यमुना का जलस्तर 97.98 मीटर पर था लेकिन रविवार को यमुना का जलस्तर 98.50 मीटर पर पहुँच गया।  

केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि यमुना नदी के जल स्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है और प्रतिदिन के हिसाब से जल स्तर की रिपोर्ट दी जा रही है। कुसमिलिया संवाददाता के अनुसार बेतवा नदी के खतरे का निशान 122.66 मीटर है। मौजूदा समय में 109.02 मीटर जल स्तर बना हुआ है। बीते तीन दिनों से यही जल स्तर है।

बताया गया है कि माताटीला बांध से पानी छोड़ा गया है। यहां पर वर्ष 1983 में बाढ़ रौद्र रूप दिखाया था। उस समय 133.35 मीटर जल स्तर पहुंच गया था। इसके बाद खतरे निशान के पार तो बेतवा कई बार हुई। दो वर्ष पूर्व भी यहां पर बेतवा नदी की बाढ़ जिले के लिए जानलेवा साबित हुई थी।

जान जोखिम में डाल मछली पकड़ रहे नगरवासी

रविवार को यमुना नदी का जलस्तर 98.50 सेंटीमीटर पर पहुंच गया, यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ मछलियां भी बहकर आई होंगी इस उम्मीद के सहारे नगर के कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नदी में मछली पकड़ने में जुटे हुए हैं। रविवार को बढ़ते जल स्तर के बीच किनारे पर मछली पकड़ने वालों की भीड़ रही। प्रशासन की ओर से लगातार अलर्ट किया जा रहा इसके बावजूद लोग अनदेखी कर रहे है।

तटवर्ती ग्रामों का अधिकारियों ने किया दौरा

यमुना तथा बेतवा नदी की संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए नवांगतुक तहसीलदार शेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में राजस्व कर्मचारी की टीम के द्वारा तटवर्ती ग्रामों में सर्वे करते पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जानकारी देते हुए तहसीलदार शेर बहादुर सिंह ने बताया कि तहसील भवन में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम का नंबर 9454416362 है।

किसी भी प्रकार की समस्या के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इससे पहले तहसीलदार के नेतृत्व में यमुना नदी के किनारे बसे ग्रामों दहेलखंड, नबलपुरा, मंगरौल, द्वारकापुरी, शेखपुरा गुढ़ा, गुढ़ा खास, मैनूपुर, देवकली, मदारपुर समेत दर्जनभर ग्रामों का निरीक्षण किया। बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन तथा राजस्व विभाग के द्वारा तटवर्ती ग्रामों में पुख्ता इंतजाम रखे जाएंगे।

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