काशीपुर: अब जिले के पोल्ट्री फार्मों को लेनी होगी पीसीबी से अनुमति
कुंदन बिष्ट, काशीपुर, अमृत विचार। जिले में अब पांच हजार से अधिक मुर्गे पालने वाले पोल्ट्री फार्मों को उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) से सहमति लेना अनिवार्य होगा। पीसीबी ने जिले के पांच हजार से अधिक मुर्गे पालने वाले पोल्ट्री फार्मों को नोटिस जारी कर अनुमति लेने को कहा है।
बढ़ते प्रदूषण को लेकर पीसीबी ने सख्त रवैया अपना रखा है। गोशालाओं, होटलों, रेस्टोरेंटों के बाद अब पीसीबी ने जिले में संचालित हो रहे पोल्ट्री फार्मों को अपने दायरे में लेना शुरू कर दिया है। पीसीबी ने जिले में संचालित करीब 100 से अधिक पोल्ट्री फार्मों को नोटिस भेजकर पीसीबी से सहमति लेने को कहा है।
यदि इसके बाद भी पोल्ट्री फार्म स्वामी पीसीबी में अनुमति के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो पीसीबी उन्हें बंद कराने की कार्रवाई अमल में लाएगा। पीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक पांच हजार से अधिक मुर्गे वाले पोल्ट्री फार्म संचालकों को पीसीबी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
इसके साथ पोल्ट्री फार्म के लिए बनाए गए मानकों को पूरा करना जरूरी होगा। मानकों के तहत पोल्ट्री फार्म स्वामियों को मुर्गों के मरने की स्थिति में उनका सुरक्षित स्थान पर निस्तारण करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा मुर्गों के लिए हवादार जाली लगानी होगी। मुर्गों के मलमूत्र का सही से निस्तारण करना होगा। कोई भी पोल्ट्री फार्म नदी किनारे स्थापित नहीं होना चाहिए। साथ ही पोल्ट्री फार्म में नियमित कीटनाशक का छिड़काव करना अनिवार्य होगा।
जिले के पोल्ट्री फार्मों को चिह्नित कर उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस में उन्हें शीघ्र ही पीसीबी से सहमति लेने को कहा गया है। पांच हजार से अधिक मुर्गे पालने वाले पोल्ट्री संचालकों को सहमति लेना अनिवार्य है। यदि पोल्ट्री संचालक सहमति नहीं लेते हैं तो निरीक्षण कर उन्हें बंद करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- नरश गोस्वामी, क्षेत्रीय अधिकारी, पीसीबी, काशीपुर
