प्रयागराज : दुष्कर्म पीड़िता को मुआवजा देने के मामले में बुलंदशहर के डीएम से जवाब तलब
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के मामले में सुनवाई करते हुए बुलंदशहर के जिला मजिस्ट्रेट को यह सूचित करने का निर्देश दिया कि पीड़िता की गर्भावस्था अदालत के आदेश से समाप्त हो गई है। अब वह क्या उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष, 2015 के तहत मुआवजे की हकदार है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि क्या पीड़िता की मां, जो एक मजदूर है, पीएम आवास योजना के तहत आवास पाने का हक रखती है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने 12 वर्षीय नाबालिग पीड़िता की याचिका पर दिया है।
मालूम हो कि राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान अदालत को अवगत कराया कि गत 15-16 जुलाई को पीड़िता का गर्भपात कराया जा चुका है। अदालत ने आगे की जांच की स्थिति जानने की मांग की और मामले की अगली सुनवाई आगामी 9 अगस्त 2023 को सूचीबद्ध की है। गौरतलब है कि 11 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि किसी महिला को उस पुरुष के बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, जिसने उसका यौन शोषण किया हो।
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