टनकपुर: पूर्णागिरि मार्ग 16वें दिन भी नहीं खुल पाया, अस्का लाइट लगाकर रात्रि में भी मार्ग खोलने के दिए निर्देश

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Edited By Amrit Vichar
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टनकपुर, अमृत विचार। बाटनगाड़ पर मलबा व बोल्डर आने से पूर्णागिरि मार्ग 16 वें दिन  भी नहीं खुल पाया। जिस कारण श्रद्धालुओं को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। इधर बुधवार को जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने बाटनागाड़ क्षेत्र का जायजा लिया। पूर्णागिरि मार्ग खोले जाने के लिए 2 पोकलैंड मशीन, 3 जेसीबी तथा 5 डंपर लगाए गए हैं। 
   

इस दौरान अधिशासी अभियंता लोनिवि बीसी पंत ने बताया कि बाटनगाड़ में मार्ग खोले जाने का काम लगातार किया जा रहा है। बारिश ना होने पर 2 दिन के भीतर मार्ग को सुचारू कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्का लाइट लगाकर रात में भी मौसम अनुकूल होने पर मार्ग खोलने का कार्य कराया जाए।

इस दौरान अवगत कराया की 2013 की आपदा के बाद इतनी अधिक मात्रा में यह मलबा आया है।   जिलाधिकारी ने कहा कि इस स्थान पर स्थाई समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा 90 लाख का प्रथम चरण का प्रस्ताव 610 मीटर स्पान के मोटर पुल निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। अधिशासी अभियंता लोनिवि को यह भी निर्देश दिए कि मार्ग को शीघ्र ही खोले जाने के लिए सिंचाई विभाग की मदद लेकर अतिरिक्त मशीन लगाई जाए।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने बीसोरिया क्षेत्र जहां की पहाड़ियों से यह मलवा भारी मात्रा में आ रहा है उस क्षेत्र व बाटनागाड़ क्षेत्र का भू वैज्ञानिकों व अन्य की टीम से आज ही से सर्वे करने के निर्देश दिए। टीम में तहसीलदार पिंकी आर्या, भूवैज्ञानिक हरीश बिष्ट, जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी, सहायक अभियंता लोनिवि एलएस सामंत, वन क्षेत्राधिकारी पीसी जोशी को शामिल किया गया है, जो संपूर्ण क्षेत्र का निरीक्षण के साथ ही निकले खनिज का भी आंकलन कर रिपोर्ट देंगे।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी बाबू लाल,  उपजिलाधिकारी टनकपुर सुंदर सिंह, एई सिंचाई आरके यादव, सीओ अविनाश वर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडे,  भूवैज्ञानिक हरीश बिष्ट,  मां श्री पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन चंद्र तिवारी, प्रकाश पांडे, मोहन पांडे के अलावा तमाम विभाग के अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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