हल्द्वानी: अंकित के हत्यारों पर जंगलात भी दर्ज कर सकता है केस
हत्या में इस्तेमाल कोबरा को मारने या नुकसान पहुंचाने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम में दर्ज होगा केस, होगी जांच
हल्द्वानी, अमृत विचार। अंकित चौहान की हत्या में हत्यारों के खिलाफ पुलिस के बाद वन महकमा भी केस दर्ज कर सकता है। पुलिस जांच में पता चलता है कि हत्या में इस्तेमाल कोबरा को मार दिया या नुकसान पहुंचाया तो वन्य अपराध मानते हुए वन विभाग केस दर्ज करेगा।
अंकित चौहान की माही उर्फ डॉली आर्य, सपेरे रमेश नाथ, दीप कांडपाल, नौकर रामऔतार, उसकी पत्नी उषा ने कोबरा से दो बार डसवा कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने सपेरे को गिरफ्तार इस हत्या कांड का खुलासा कर दिया है। इधर, अब जंगलात भी इस केस में निगाह बनाए हुआ है। दरअसल, कोबरा एक वन्यजीव है।
इसको पकड़ना, मारना या नुकसान पहुंचाना वन विभाग की नजर में एक अपराध है। वन विभाग भी पुलिस तफ्तीश पर निगाह बनाए हुआ है। अभी तक हुई जांच में पता चला है कि सपेरे रमेश नाथ ने अंकित को डसवाने के बाद कोबरा को एक थैले में बंद कर नौकर रामऔतार को दे दिया।
अब यह रामऔतार की गिरफ्तारी के बाद साफ होगा कि अंकित की हत्या का हथियार कोबरा को मार दिया या फेंक दिया। साथ ही इसकी भी तफ्तीश की जाएगी कि कोबरा कहां के जंगल से लाया गया था।इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच पूरी होने के बाद वन विभाग विभागीय केस दर्ज करेगा। हालांकि इसकी चार्जशीट पुलिस को सौंप दी जाएगी। हत्यारों के खिलाफ वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम में भी केस दर्ज होगा।
वन विभाग पुलिस को जांच में हर मदद के लिए तैयार है। सपेरा कोबरा कहां से पकड़ कर लाया, हत्या के बाद कोबरा के साथ क्या हुआ। पुलिस जांच में कोबरा को नुकसान पहुंचाने का खुलासा होने पर वन विभाग भी केस दर्ज करेगा। वैसे पुलिस भी वन अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए सक्षम है।
- दीप चंद्र आर्य, वन संरक्षक पश्चिमी वन वृत्त हल्द्वानी
