बरेली: दो-चार सौ के फेर में ई-डिस्ट्रिक्ट योजना फ्लॉप, 9 लाख 71 हजार आवेदन लंबित
राकेश शर्मा, बरेली, अमृत विचार। सरकार ने मैनुअल व्यवस्था समाप्त कर जिस उद्देश्य से ई-ड्रिस्ट्रिक्ट योजना राज्यभर में लागू की है, वह उद्देश्य दो सौ और चार सौ रुपये के चक्कर में फंस गया है। यही वजह है कि 9 लाख 71 हजार से अधिक आवेदन राज्य के सभी जिलों में लंबित हैं और जिन लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किए हैं वे तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं।
गांवों, कस्बों, शहरों में खुले जन सेवा केंद्रों और ऑनलाइन पोर्टल पर राज्यभर से लाखों की संख्या में लोगों ने तमाम शासकीय सेवाओं से संबंधित प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे लेकिन इन आवेदनों पर तहसीलों में कोई काम नहीं हुआ। लेखपाल-कानूनगो ने चंद रुपयों की खातिर आवेदनों को फंसाए रखा है। राज्य समन्वयक अक्षय त्रिपाठी की ओर से 14 जुलाई को जारी रिपोर्ट के मुताबिक 10 जुलाई तक छह माह से अधिक समय से 64 हजार 079 आवेदन, तीन माह से अधिक एवं छह माह के अंदर 7350 आवेदन, एक माह से अधिक एवं तीन माह के अंदर 12 हजार 771 आवेदन और एक माह के अंदर 8 लाख 87 हजार 15 आवेदन लंबित हैं।
यह स्थिति दर्शा रही है कि ई-ड्रिस्टिक्ट योजना राज्यभर में तहसीलों के अधिकारी फ्लाॅप कर रहे हैं। जिलों के अधिकारी सही से मॉनीटरिंग नहीं कर रहे हैं। राज्य समन्वयक ने सभी जिलाधिकारियों को लंबित आवेदनों के संबंध में तीन पेज की रिपोर्ट भेजकर सरकार की महत्वपूर्ण योजना के लंबित आवेदनों का अतिशीघ्र निस्तारण कराने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश जारी करने की बात कही है।
यह है प्रमुख जिलों की स्थिति
बरेली में 21994, बदायूं में 14153, शाहजहांपुर में 10929, पीलीभीत में 8125, लखनऊ में 30354, खीरी में 27517, प्रयागराज में 29692, अयोध्या में 18410, सीतापुर में 14053, गोरखपुर में 28248, मुरादाबाद में 13093, कानपुर देहात में 13314, कन्नौज में 10165, बिजनौर में 14015, रामपुर में 6899, कानपुर नगर में 12659, संभल में 4826, हरदोई में 20041, कासगंज में 4066 आवेदन लंबित हैं।
मई माह में भी जारी हुई थी रिपोर्ट
राज्य समन्वयक अक्षय त्रिपाठी ने मई माह में भी सभी जिलों की रिपोर्ट जारी की थी। तब 6.84 लाख आवेदन लंबित थे। राज्य समन्वयक ने सभी जिलों से लंबित आवेदनों को ससमय निस्तारित कराने का आग्रह किया था, अधिकारियों ने लंबित आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया। इस वजह से यह आंकड़ा बढ़ता गया।
इन सुविधाओं के लिए किए जाते हैं ऑनलाइन आवेदन
विकलांग, विधवा, वृद्ध व्यक्तियों के कल्याण के लिए विकलांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन संबंधित प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण, हैसियत, आय प्रमाण पत्र, जाति, उत्तरजीवी, पर्वतीय, स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र।
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