हल्द्वानी: बदले की जमीन पर लिखी अंकित के कत्ल की पटकथा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

50 हजार की इनामी नौकरानी व पति ने खोले कई राज

हल्द्वानी, अमृत विचार।  सिर्फ माही ही नहीं थी जो अंकित की मौत चाहती थी। बल्कि हत्याकांड से जुड़ा हर किरदार अंकित को रास्ते से हटाना चाहता था और इसके पीछे था बदला। एक सपेरे रमेश नाथ को छोड़ दें तो अन्य चारों अंकित को अपना दुश्मन समझते थे। अंकित की हत्या के आखिरी प्यादे और 50-50 के इनामी नौकरानी ऊषा व उसका पति रामऔतार बुधवार को शहर पहुंचे तो हत्याकांड से जुड़े कई और राज खुले।
   

पुलिस बहुउद्देशीय भवन में बुधवार को वार्ता के दौरान एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि 14 जुलाई की रात हुई अंकित की हत्या के मामले में मास्टर माइंड माही उर्फ डॉली, उसके प्रेमी दीप कांडपाल और सपेरे रमेश नाथ को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। इस मामले में सिर्फ नौकरानी ऊषा और उसका पति रामऔतार फरार थे। इन दोनों को पश्चिम बंगाल के जिले मालदा से गिरफ्तार किया गया। 
 

नौकरानी ऊषा का कहना है कि वह अपने पति के साथ पिछले 2 साल से ऊषा के संपर्क में थी और हरिपुर शिवदत्त में बचखेती की जमीन पर झोपड़ी बनाकर रहती थी। इलाके में अफवाह थी कि बंगालन ऊषा जादू-टोना करती है। करीब 8 माह पूर्व बचखेती ने उसे वहां से निकाल दिया और ऊषा को शक हुआ को बचखेती ने यह सब अंकित के कहने पर किया। जिसके बाद उसने भी अंकित के खिलाफ मन में खुन्नस पाल ली और फिर ऊषा ने माही के घर के पास ही अपनी झोपड़ी बना ली।   

   इधर, माही इंतकाम लेने की योजना बना रही थी। दीप इस बात का बदला लेना चाहता था कि अंकित माही को कंट्रोल कर रहा है और उसे प्रताड़ित कर रहा है। सभी मिले तो रामऔतार ने बदले के इंतकाम को अमलीजामा पहना दिया गया। हत्या के बाद अलग होने से माही ने बरेली रेलवे स्टेशन पर ऊषा और रामऔतार को 10-10 हजार रुपये दिए। जिसके बाद नौकरानी और उसका पति पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो गए।     


डीवीआर अहम साक्ष्य, तलाश में जुटी है पुलिस टीम
हल्द्वानी : अंकित हत्याकांड मामले में माही के घर में लगा डीवीआर पुलिस के लिए कोर्ट में अहम सुराग साबित हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि डीवीआर अंकित की हत्या से 25 दिन पहले खराब हो गया और इस डीवीआर को ठीक कराने के लिए माही ने अंकित को दिया था, लेकिन अब अंकित की मौत हो चुकी है। ऐसे में डीवीआर कहां है, किसी को नहीं पता। एसएसपी पंकज भट्ट का कहना है कि पुलिस डीवीआर का पता लगा रही है। 


2 साल का बेटा भी काटेगा मां-बाप के जुर्म की सजा
हल्द्वानी : ऊषा की एक 9 साल की लड़की और 2 साल का लड़का है। लड़की पहले पिता की बताई जा रही है, जिसे ऊषा ने पश्चिम बंगाल में अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। जबकि 2 साल के बेटे को वह अपने साथ लेकर आई है। 27 जुलाई को पुलिस ऊषा और रामऔतार को कोर्ट में पेश करेगी। जहां से उसे जेल भेज दिया जाएगा। हत्याकांड का आरोप भले ही ऊषा पर हो, लेकिन उसके बेकसूर बेटे को भी उसके साथ जेल में ही रहना होगा। 

 

20 हजार रुपये में रामऔतार की बीवी बन गई ऊषा बंगालन

पेशे से मजदूर रामऔतार को शादी के लिए लड़की नहीं मिल रही थी। किसी ने रामऔतार को ऊषा के बारे में बताया, लेकिन वो पहले शादीशुदा था। हालांकि उसने अपने पति को छोड़ दिया था। रामऔतार की ऊषा से शादी कराने के लिए बिचौलिये ने 20 हजार रुपये लिए थे और इसका खुलासा रामऔतार के पिता लाला राम ने किया। 

शादी का बात करीब 10 साल पुरानी है और तब से ऊषा वापस बंगाल नहीं गई। इधर, हत्या के बाद जब छिपने की जगह नहीं बची तो ऊषा 10 साल बाद मालदा पश्चिम बंगाल में अपनी मां के घर पहुंची। शादी की वजह से मां उससे पहले ही खफा थी और उसने 3 दिन में ही बेटी को घर से भगा दिया। जिसके बाद वो अपनी भांजी के घर पहुंची। यहां से ऊषा अपने पति और दोनों बच्चों के साथ बांग्लादेश भागने की तैयारी थी, लेकिन पकड़ी गई। मालदा से बांग्लादेश की सीमा कुछ घंटों की दूरी पर है और पुलिस को देरी होती तो दोनों देश छोड़ कर भाग चुके होते। 


दारू ने बढ़ाया नौकरानी ऊषा और माही में याराना
हल्द्वानी : रामऔतार ने पुलिस को बताया कि वो न तो शराब पीता है और न ही मांस खाता है, लेकिन उसकी पत्नी ऊषा उससे बिल्कुल अलग है। वो शराब और मांस की शौकीन है। जब वह माही के संपर्क में आई तो दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। माही पहले से ही शराब की शौकीन थी और जब माही शराब पीती तो ऊषा को अपने साथ बैठकर शराब पिलाती। शराब की ये दोस्ती बाद में इतनी गहरी हुई तो ऊषा ने माही के साथ मिलकर हत्या करने को हां कर दी।  

संबंधित समाचार