बरेली: इस मामले में कविता गंगवार को हाईकोर्ट से राहत, बीडीओ तलब
बीएमएम पर दर्ज केस में साक्ष्य पेश करने के लिए तीन सप्ताह की मोहलत
बरेली, अमृत विचार। बीएमएम पूनम राजपूत के जरिए कमीशनखोरी के मामले में खुद फंसने के बाद आननफानन एक पुराने मामले में दूसरी बीएमएम कविता गंगवार पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भोजीपुरा के बीडीओ की मुश्किल कम नहीं हो रही। पिछले दिनों इस मामले में महिला आयोग ने डीएम और एसएसपी को समन भेजा था, अब हाईकोर्ट ने कविता को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ बीडीओ को तलब कर लिया है। तीन सप्ताह के अंदर साक्ष्य पेश करने के भी निर्देश दिए हैं।
कविता गंगवार के खिलाफ काफी समय पहले आईसीआरपी के 22 लाख रुपये के मानदेय गलत खातों में भेजने के आरोप था। गलती पता चलने के बाद इस रकम की रिकवरी कर सही खातों में भेज दिया गया था। उस समय इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद कुछ समय पहले बीडीओ पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन पहुंचाने की एवज में शासन से बालाजी महिला स्वयं सहायता समूह को मिले 1.70 लाख के भुगतान में से 50 हजार रुपये कमीशन वसूलने का आरोप लगा। इसका खुलासा दूसरी बीएमएम पूनम राजपूत और समूह की पदाधिकारी अनीता की बातचीत केएक वायरल ऑडियो से हुआ।
भोजीपुरा के बीडीओ कमल श्रीवास्तव ने इस मामले में खुद को फंसता देखा तो आननफानन पुराने मामले में कविता पर एफआईआर दर्ज करा दी। कविता ने इसके खिलाफ महिला आयोग में अर्जी देने के बाद बीडीओ के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ बीडीओ को तलब किया है।
सीएलएफ के सदस्य भी बीडीओ के खिलाफ
कविता गंगवार पर एफआईआर लिखाने के बाद सीएलएफ (संकुल प्रेरणा समिति) सदस्यों को भी नोटिस भेजा गया था। इस पर अब समिति के पदाधिकारियों ने भी बीडीओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि बीडीओ ने नोटिस देकर जिन अभिलखों की मांग की है, उन्हें वह पहले ही एडीओ पंचायत से मंगा चुके हैं। उन्होंने बीडीओ पर महिला संगठन की छवि धूमिल करने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट जाने की बात कही है।
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