हल्द्वानी: बैंक ने सील किया गिरवी होटल, मालिक पर बकाया थे 40 करोड़ रुपये
बैंक ने सील किया गिरवी होटल, मालिक पर बकाया थे 40 करोड़ रुपये
वर्ष 2021 से जमा नहीं की थीं लोन की किस्तें, एनपीए घोषित किया था खाता
हल्द्वानी, अमृत विचार। गले तक कर्ज में डूब चुके एसवी होटल को गुरुवार को बैंक वालों ने सील कर दिया। होटल मालिक बैंक का 40 करोड़ रुपये का कर्जदार हो चुका था और पिछले 2 साल से किस्तें अदा नहीं की थीं। अब बैंक इस होटल को नीलाम कर बकाया वसूल करेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा होटल की नीलामी अगले महीने ऑनलाइन करेगा।
होटल सील करने पहुंचे बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक और प्राधिकृत अधिकारी विकास जैन ने बताया कि बाजपुर निवासी होटल स्वामी तिलक राज शर्मा ने बैंक की बाजपुर शाखा से पांच साल पहले करीब 50 करोड़ लोन लिया था, जिसमें से वर्तमान में बिना ब्याज जोड़े ही करीब 40 करोड़ बकाया हैं।
लोन लेते समय होटल को गिरवी रखा था। मामला कोर्ट में भी गया, जहां से फैसला आने के बाद सील के लिए डीएम की अनुमति ली। सुबह 11 बजे पुलिस और जिला प्रशासन के साथ होटल पहुंचकर सभी कमरों को सील किया गया। होटल स्टाफ और होटल में संचालित सर्राफा शोरूम पहले ही खाली कर दिए गए थे।
शाम करीब 4 बजे तक सील की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर नायब तहसीलदार सचिन कुमार, प्रभारी एसएसआई विजय मेहता, एसआई कुमकुम धानिक समेत 15 सिपाही मौके पर मौजूद रहे। वहीं बैंक टीम में गोविंद शर्मा, अमर थापा आदि थे।
सरकारी सुविधाएं भी पूरा नहीं कर सकीं कोरोना काल का घाटा
कोरोना काल में मिलीं सुविधाएं भी होटल मालिक को कर्ज से नहीं उबार सकीं। बताया जाता है कि होटल को बैंक में गिरवी रखा गया था और कोरोना काल में हुए भारी घाटे की भरपाई नहीं हो पाई। घाटा बढ़ता गया और व्यापार घाटे में चले गया। किस्त न जमा होने पर खाते को एनपीए घोषित किया गया। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना है कि कोरोना में दी जाने वाली सरकारी राहतें नियम मुताबिक होटल स्वामी को दी गईं थी।
28 कमरों वाले होटल से गायब हो गया एसी और टीवी
बैंक अधिकारियों के मुताबिक होटल में कुल 28 कमरे और एक रेस्टोरेंट है। 5 घंटे चली कार्रवाई के दौरान होटल में मौजूद हर चीज की लिस्टिंग की गई। कार्रवाई में पता चला कि होटल के कमरों में एसी और टीवी नहीं थे। जबकि कमरों की दीवारों पर एसी की वायरिंग थी। बैंक अधिकारियों ने इंवेंट्री रिकॉर्डिंग में इस मामले को नोट करते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी है।
