Kanpur Dehat: सिलेंडर लीकेज से महिला के कपड़ों में लगी आग, बचाने दौड़े छह लोग झुलसे, डेढ़ घंटे तड़पते रहे, फिर हुआ ये सब
कानपुर देहात में सिलेंडर लीकेज से आग लग गई।
कानपुर देहात में सिलेंडर लीकेज से महिला के कपड़ों में आग लग गई। आग लगने से बचाने दौड़े छह अन्य लोग भी झुलस गए। सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
कानपुर देहात, अमृत विचार। राजपुर थानाक्षेत्र के मदियापुर गांव में चाय बनाते समय गैस सिलेंडर लीकेज से महिला के कपडों में आग लग गई। बचाने दौड़े पति, तीन बच्चे समेत छह लोग झुलस गए। सभी को पीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से महिला समेत पांच लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आग से गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया।
राजपुर थाना क्षेत्र के मदियापुर गांव निवासी मनीष की पत्नी अनुराधा देवी (30) शुक्रवार की सुबह रसोई में गैस चूल्हे पर चाय बना रही थी। तभी लीकेज गैस सिलेंडर से अनुराधा के कपडों में आग लग गई। चीख सुनकर बचाने दौडे़ पति मनीष, ससुर राजेंद्र प्रसाद (75), पुत्र कपिल (8), मनु (5) व पुत्री गौरी (11) भी आग की चपेट में आकर झुलस गये। सिलेंडर में आग लगने से हडकंप मच गया और मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। लोगों ने किसी तरह कंबल आदि से आग बुझाई, लेकिन तब तक आग से कमरे में रखा तख्त व अन्य गृहस्थी का सामान जल गया।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से आग से झुलसे लोगों को राजपुर पीएचसी ले गई। जहां डॉ. शिवकुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद राजेंद्र प्रसाद, अनुराधा, कपिल, मनु व गौरी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जबकि उपचार के बाद मनीष को घर भेज दिया। सिकंदरा एसडीएम सुरभि शर्मा ने बताया कि आगजनी के शिकार लोगों की आर्थिक स्थिति की पड़ताल के लिए लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।
डेढ़ घंटे बाद मिली एंबुलेंस, तड़पती रही महिला-बच्चे
गैस सिलेंडर लीकेज पर आग से झुलसे लोगों को राजपुर पीएचसी में भर्ती कराकर एंबुलेंस चली गई। डाक्टरों ने घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। ऐसे में झुलसे लोगों के परिजन घंटों 108 नंबर पर काल मिलाते रहे, लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। पीएचसी में तैनात डॉ. शिवकुमार व अन्य कर्मचारी लगातार एंबुलेंस बुलाने के लिए संपर्क में जुटे रहे।
करीब डेढ घंटे बाद सिकंदरा से पहंची 108 एंबुलेंस से झुलसे लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया। इस दौरान महिला, बुजुर्ग व बच्चे तड़पते रहे। डॉ. शिवकुमार ने बताया कि मरीजों को लेकर आई एंबुलेंस के ब्रेक खराब होने पर चालक उसे लेकर चला गया था। सीयूजी नंबर पर लगातार संपर्क करने पर डेढ घंटे बाद सिकंदरा से दो एंबुलेंस पहुंची। उसके बाद झुलसे लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया
