राजस्थान में बाघों में वृद्धि इंदिरा के ‘प्रोजेक्ट टाईगर’ के अनुरुप अपनाई नीति का परिणाम- सीएम गहलोत
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य में तीव्र गति से हो रही बाघों की संख्या में बढ़ोतरी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के ‘प्रोजेक्ट टाईगर’ के अनुरुप अपनाई गई हमारी वन्य जीव संरक्षण नीति का परिणाम है। गहलोत ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर शनिवार को सोशल मीडिया पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज इस संकल्प को और मजबूती देने का प्रण लेते है ।
उन्होंने बाघ की तस्वीर के साथ पिछले पांच साल में राजस्थान में बाघों की संख्या में वृद्धि का आंकड़ा शेयर करते हुए कहा कि प्रदेश में बाघों का किया संरक्षण, रोका शिकार , बाघों की संख्या में हुआ प्रसार, वन्य जीव बचाती प्रदेश सरकार। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2018 में बाघों की संख्या 69 थी जो वर्ष 2023 में बढ़कर 115 से अधिक पहुंच गई है।
उधर इस अवसर पर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण संस्था पीपुल फोर एनीमल्स की राजस्थान इकाई के प्रमुख एवं पर्यावरणविद् बाबू लाल जाजू ने प्रदेश में बाघों के संरक्षण को बढ़ावा देने की जरुरत बताते हुए कहा कि बाघों के विकास के लिए राज्य में कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य को शीघ्र ही बाघ अभयारण्य घोषित किया जाना चाहिए ताकि बाघ स्वच्छंद विचरण कर सके। उन्होंने कहा कि रणथंभौर बाघ अभयारणय का क्षेत्र बाघों के लिए छोटा पड़ रहा है और वहां से कोई न कोई बाघ अपने क्षेत्र से बाहर निकल जाता है, ऐसे में राज्य में एक और बाघ अभयारणय बनाने की जरुरत है।
जाजू ने कहा कि बाघ अभयारण्य क्षेत्र में बसी आवासीय बस्तियों को उचित एवं पूरे मुआवजे के साथ अभयारण्य के जंगल से बाहर करना चाहिए वहीं पर्याप्त सुधार करते हुए बाघों के शिकार पर अंकुश लगाने के लिए शिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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