हल्द्वानी: शहर को पानी देने वाला शीशमहल फिल्टर प्लांट बदहाल

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Edited By Amrit Vichar
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शीशमहल स्थित 4 प्लांट की हालत खराब, प्लांट नं. 3 सबसे बदहाल 

मोटरें खा रही हैं जंग, क्लीयर वॉटर चैंबर का भी हाल खराब 

हल्द्वानी, अमृत विचार। शीशमहल स्थित वाटर फिल्टर प्लांट बदहाल है। यहां के प्लांट नं. 3 में मोटरें जंग खा रही हैं और इनसे पानी लीकेज हो रहा है। साथ ही यहां लगे अन्य बिजली उपकरणों की हालत भी बहुत खराब है। 

प्लांट जुगाड़ के भरोसे चलाया जा रहा है। प्लांट संचालन में सुरक्षा मानकों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां क्लीयर वॉटर चैंबर के पास लगी दो बड़ी क्षमता की मोटरों को पानी से बचाने के लिए काम चलाऊ तौर पर टिन से ढका गया है। 

मौके पर मौजूद प्लांट ऑपरेटर ने बताया कि फिल्टर बेड की सफाई करने पर पानी नीचे लगी मोटरों पर गिरता है। इस कारण मोटरों को खराब होने से बचाने के लिए टिन से ढका गया है।

ऑपरेटर ने बताया कि सभी मोटर सालों पुरानी हैं और खराब होने पर बार-बार इनको रिपेयर किया जाता है। दूसरी तरफ प्लांट के पास जल संस्थान के महाप्रबंधक डीके सिंह का कैंप कार्यालय बन रहा है, जिसके लिए विभाग धनराशि खर्च कर रहा है। लेकिन प्लांट की बदहाल स्थिति अधिकारियों को नजर नहीं आ रही है। 


बदहाली की दास्तां बयां करता प्लांट

प्लांट के इंचार्ज मनोज तिवारी ने बताया कि 2018 में तत्कालीन डीएम ने प्लांट का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने डीएम को बजट की कमी से अवगत कराया था। इसके बाद छत के मरम्मतीकरण के लिए बजट मिला था जिससे टपकती छतों की मरम्मत की गई थी। लेकिन अभी भी फिल्टर बेड, क्लैरिफायर प्लांट और क्लीयर वॉटर चैंबर और इससे संबंधित उपकरणों की हालत बहुत खराब है। 


गैर पेशेवर व्यक्ति कर रहे हैं प्लांट ऑपरेटर का काम

एक फिल्टर प्लांट में 3 ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई  जाती है। 8 घंटे की शिफ्ट के अनुसार काम करते हैं। 4 प्लांट में 12 कर्मचारी कार्यरत हैं। प्लांट में कार्यरत सभी ऑपरेटर आउटसोर्स कर्मी हैं। इंचार्ज नीरज तिवारी ने बताया कि ऑपरेटर पेशेवर नहीं हैं लेकिन उनको कई सालों से काम करने का अनुभव है। इसलिए आज तक प्लांट में कोई समस्या पैदा नहीं हुई।  
 

आधी हल्द्वानी को होती है प्लांट से पानी की आपूर्ति

प्लांट नं. 3 की क्षमता 15 एमएलडी है। जिससे शहर के लगभग आधे हिस्से को पानी की आपूर्ति होती है। शीशमहल में चार प्लांट हैं जिनकी कुल क्षमता 34 एमएलडी है। इसके अलावा शीतलाहाट में एक प्लांट है जिसकी क्षमता 3.5 एमएलडी है। इस लिहाल से शीशमहल फिल्टर  प्लांट बहुत महत्त्वपूर्ण है।


सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन

प्लांट इंचार्ज नीरज तिवारी ने बताया कि प्लांट ऑपरेटर सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखकर ड्यूटी करते हैं। लेकिन मौके पर स्थिति बिल्कुल उलट थी। बिजली के उपकरण चलाने के लिए उचित ड्रेसअप जरूरी है लेकिन मौके पर प्लांट ऑपरेटर जूते के बजाय चप्पल पहनकर ड्यूटी कर रहा था। प्लांट में 5 एचपी से 100 एचपी क्षमता तक की मोटरें हैं।  आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई भी सुरक्षा उपकरण नहीं थे।


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