कासगंज: गंगा में पलटी बैलगाड़ी, महिला और चार बालिकाएं डूबी...एक की मौत
गंजडुंडवारा, अमृत विचार। थाना सिकंदरपुर वैश्य के गांव नगला मुंता में चारा लेने बैलगाड़ी से जा रही महिला और चार बालिकाएं बैलगाड़ी पलटने से गंगा के पानी में डूब गई। बैलगाड़ी के पीछे से गुजर रहे युवक ने बहादुरी दिखाते हुए महिला और तीन बालिकाओं को तो बचा लिया। जबकि एक बालिका की पानी में दम घुटने से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम है। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची है।
सोमवार सुबह मुंता नगला निवासी हारून की पत्नी नजासिन उम्र 35 वर्ष गांव की ही बालिका 14 वर्षीय शानिया, 13 वर्षीय शहरीन, 13 वर्षीय भूरी और 14 वर्षीय मजीदा के साथ अपने–अपने खेत पर जानवरों का चारा लेने बैलगाड़ी से जा रही थी। घर से लगभग डेढ किलोमीटर दूर बैलगाडी गंगा की धार के तेज वहाब में बहते हुए पलट गई और महिला एवं बालिकाएं गहरे पानी में डूबते हुए बहने लगी।
बचाव के लिए चीखी चिल्लाई। चीख पुकार सुन बैलगाडी से पीछे से आ रहे शहजाद ने अपनी जान पर खेल कर पानी में डूबी महिला और बालिकाओं को बचाने का प्रयास किया। महिला एवं तीन बालिकाओं को तो सकुशल बाहर निकाल लिया। जबकि मजीदा पुत्री इकबाल बैलगाडी के नीचे दब गई और पानी में दम घुटने से उसकी मौत हो गई। । सूचना पर पहुंचने स्थानीय लोगों ने लगभग आधा घंटे बाद शव को बाहर निकाला।
इनकी हालत बनी गंभीर
बचाई गई दो बालिकाओं शाहरीन पुत्री फरियादी उम्र 13 वर्ष और सानिया पुत्री आविर उम्र 14 वर्ष को गंभीर अवस्था के चलते नौसेरा स्थित राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस और राजस्व कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई वहीं मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिया मना कर दिया।
मसीहा बना बहादुर शहजाद
गांव नगला मुंता निवासी शहजाद उम्र 14 वर्ष चार लोगों के लिए मसीहा बन गया। सोमवार को चारा लेने जाते समय बैलगाडी पलटने से पॉच लोग गंगा के पानी में बह गए थे। पीछे से आ रहे शहजाद ने अपनी जान पर खेलकर महिला और तीन बालिकाओं को डूबने से बचाया। शहजाद ने एक–एक करके सभी को पानी में खीच कर कम पानी में खेत के सहारे लाकर बचाया। सूचना पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने शहजाद की पीठ थपथपाई और गांव में उसके साहस के चर्चे हो गए।
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