व्यापक मुद्दे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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उच्चतम न्यायालय ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के वीडियो को सोमवार को “भयावह” करार दिया और दर्ज प्राथमिकियों के सिलसिले में कड़ा रुख अपनाते हुए मणिपुर में अब तक की गई प्रशासनिक कार्रवाइयों का विवरण मांगा।

अदालत ने कहा कि हमें छह हजार प्राथमिकी को अलग-अलग करके परखने की जरूरत है कि कितनी जीरो एफआईआर हुई हैं, कितनी गिरफ्तारियां हुई हैं, कितने आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पीड़ित महिलाओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि इन तीन महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो एकमात्र उदाहरण नहीं है। ऐसी कई घटनाएं हुई हैं और यह कोई अकेली घटना नहीं है।

हम इस बात से निपटेंगे कि इन तीन महिलाओं को जल्द न्याय मिले, लेकिन हमें मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के व्यापक मुद्दे को भी देखना होगा। वास्तव में मणिपुर में जो हुआ उसे हम यह कहकर सही नहीं ठहरा सकते कि ऐसे मामले अन्य प्रदेशों में भी हुए हैं।

शीर्ष अदालत ने एक हस्तक्षेपकर्ता के देश के अन्य हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के साथ तुलना करने के प्रयास को अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मणिपुर में हिंसा ‘अभूतपूर्व परिमाण’ की है, जो ‘सांप्रदायिक और सांप्रदायिक संघर्ष’ के बीच हो रही है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ महिलाओं के साथ हुई बर्रबरता पर सख्त हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ दरिंदगी के मामले में तत्काल न्याय होना चाहिए।

मणिपुर हिंसा अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत है। पुलिस को एफआईआर दर्ज करने में 14 दिन क्यों लगे? दुर्भाग्य से सांप्रदायिक या सांप्रदायिक झगड़े की स्थिति में महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसा का कायम रहना हमारी सामाजिक वास्तविकता है।

हालांकि, हम अभूतपूर्व परिमाण की कुछ घटनाओं से निपट रहे हैं। सवाल यह है कि हम मणिपुर से कैसे निपटें? गौरतलब है कि वायरल वीडियो में पुरुष, जिन्हें महिलाओं को जबरन निर्वस्त्र कर परेड कराते हुए दिखाया गया है, बेझिझक ऐसा कर रहे हैं क्योंकि वे इन महिलाओं और जिस समुदाय का वे प्रतिनिधित्व करती हैं उसे विदेशी, जंगली और अमानवीय मानते हैं।

लेकिन महिलाओं द्वारा अपने पुरुषों से कुकी महिलाओं के साथ बलात्कार करने का आग्रह करने की खबरें हमें भयभीत करती हैं। एक ऐसा राज्य जहां महिलाएं सार्वजनिक रूप से अन्य महिलाओं के साथ बलात्कार और हत्या करती हैं, वह अराजकता से भी बदतर एक दुःस्वप्न की ओर बढ़ रहा है।