हल्द्वानी: आईजी ने जांची कॉपी, रिपोर्ट कार्ड में ऊधमसिंनगर पुलिस फेल
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुछ माह पहले आईजी डॉ.निलेश आनंद भरणे ने कुमाऊं के 6 जिलों की पुलिस को टास्क दिया था और अपराधियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी काली कमाई जब्त करने के आदेश दिए थे।
मंगलवार को आईजी ने जब दिए गए टास्क की कॉपी जांची तो उनका गुस्सा ऊधमसिंहनगर पुलिस पर फूट पड़ा। उम्मीद से कम कार्रवाई करने पर आईजी ने ऊधमसिंहनगर पुलिस को फटकार लगाई और यह भी कह दिया कि अब हर मंगलवार को पुलिस के काम की समीक्षा वह खुद करेंगे।
कैंप कार्यालय में छह जिलों के पुलिस अधिकारी वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। जबकि नैनीताल के एसएसपी पंकज भट्ट और एसपी क्राइम डॉ.जगदीश चंद्र मौके पर मौजूद रहे। बेहतर काम न करने पर नाराजगी जताने वाले आईजी ने अच्छा काम करने वाली नैनीताल पुलिस की पीठ भी थपथपाई।
बता दें कि आईजी ने कुमाऊं के जनपदों में वर्ष 2023 में अब तक गैंगस्टर एक्ट से सम्बन्धित अभियोगों के सम्बन्ध में समस्त क्षेत्राधिकारी तथा विवेचना कर रहे विवचकों के साथ गोष्ठी कर अभियोगों की समीक्षा की। बहरहाल, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर के अलावा अगर पिथौरागढ़ पुलिस के काम को नजरअंजाज कर दें तो किसी भी जिले ही पुलिस कार्रवाई में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाई। अब नैनीताल पुलिस की कार्रवाई पर गौर करें तो इस साल 6 अभियोगों में 24 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई और करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई। जबकि कई मामलों में संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई चल रही है और कई अपराधियों की संपत्ति का आंकलन किया जा रहा है।
इस लिहाज से जनपद ऊधमसिंहनगर पुलिस ने गुजरे 7 माह में कुल 5 अभियोगों में 23 अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई, जो नैनीताल पुलिस के मुकाबले ज्यादा कम नहीं है, लेकिन आईजी फिर भी नाराज थे और इसकी वजह थी अपराध की दुनिया से जुटाई काली कमाई का एक रुपया भी ऊधमसिंहनगर पुलिस जब्त नहीं कर पाई। बल्कि यह भी पता नहीं लगा सकी कि जिनके खिलाफ उन्होंने गैंगेस्टर की कार्रवाई की है, उनके पास संपत्ति कितनी है।
रामनगर ने रखी नैनीताल की लाज
हल्द्वानी : नैनीताल जिले के सभी थाने एक ओर और रामनगर कोतवाली एक ओर। समीक्षा के दौरान सामने आया कि नैनीताल जिले में सबसे ज्यादा और सबसे बड़ी कार्रवाई रामनगर पुलिस ने की है। जिसमें नशे की तस्करी करने वाले शानू खान और आशू खान की 3.5 करोड़ की सम्पत्ति का पता लगाया गया और अब इसे जब्त करने की तैयारी है। नशा तस्करी के गैंग जगत सिंह चौधरी, गणेश अधिकारी, दलबीर व राजबीर सिंह का भंडाफोड़ किया। सटोरिये के गैंग वसीम खान, विष्णु अग्रवाल, राहुल टम्टा, आरिफ का पर्दाफाश किया और इससे कमाई 4 करोड़ की सम्पत्ति का पता लगाया। रामनगर पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले दो और गैंग का पर्दाफाश किया और अब उनकी संपत्ति का पता लगाया जा रहा है।
हल्द्वानी, बनभूलपुरा और लालकुआं ने की एक-एक कार्रवाई
हल्द्वानी : गैंगेस्टर एक्ट में हल्द्वानी कोतवाली, बनभूलपुरा थाना और लालकुआं कोतवाली ने भी एक-एक कार्रवाई की है। बनभूलपुरा ने चरस तस्करी करने वाले गैंग रंजना सोनकर, अजय यादव तथा लाखन सोनकर के खिलाफ कार्रवाई की। जबकि हल्द्वानी कोतवाली से चिटफंड के जरिये गैंग बनाकर ठगी करने वाले अरविन्द कुमार तोमर, अरूण चौधरी और विनोद गिरी पर कार्रवाई की। एसटीएफ ने इनकी करोड़ो की सम्पत्ति फ्रीज की है। जबकि लालकुआं ने चरस तस्कर गैंग के शादिक, दिलशाद पर कार्रवाई की।
7 महीनों में ऊधमसिंहनगर के सिर्फ 3 थानों ने किया काम
हल्द्वानी : ऊधमसिंहनगर बड़ा जिला है। अन्य जिलों के मुकाबले यहां आबादी भी ज्यादा है और थाने भी। बावजूद इसके गुजरे 7 माह में ऊधमसिंहनगर के सिर्फ 3 थानों ने काम किया और वो भी ऐसा नहीं जो आईजी को संतुष्ट कर पाता। इन तीन थानों ने मिलकर भी जरायम की दुनिया से जुटाया अपराधियों का एक रुपया भी बरामद नहीं किया। अपनी रिपोर्ट में गदरपुर, काशीपुर और पुलभट्टा थाने यह कहा कि वह अपराधियों की संपत्ति का विवरण ले रहे हैं। इन तीन थानों में भी सबसे ज्यादा काम पुलभट्टा पुलिस ने किया है और काशीपुर ने दावा किया है कि उन्होंने संपत्ति की जानकारी जुटा ली है।
एक नजर में पहाड़ी जिलों की पुलिस का हाल
1. चम्पावत जिले के बनबसा थाने ने 1 अभियोग में 2 अभियुक्तों के गैंगस्टर लगाया और 1 लाख 80 हजार रुपये की संपत्ति का पता लगाया।
2. पिथौरागढ़ जिले की पिथौरागढ़ कोतवाली ने 1 अभियोग में 10 अभियुक्तों पर गैंगस्टर 6 करोड़ की संपत्ति का पता लगाया।
3. अल्मोड़ा जिले के भतरौजखान थाने ने 3 अभियोगों में 6 अभियुक्तों पर गैंगस्टर लगाया, लेकिन किसी भी अपराधी की संपत्ति का पता नहीं लगा सकी।
पुलिस का प्रयास होना चाहिए कि समाज में अपराधियों का खौफ न हो। जिसके लिए गैंगेस्टर की कार्रवाई और संपत्ति जब्त करने के कहा गया है। जिनका काम अच्छा नहीं है, उन्हें चेतावनी दी गई है और अब हर मंगलवार को सभी जिलों के कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
-डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी कमाऊं
