रुद्रपुर: खड़क हत्याकांड के दोषी को हुई आजीवन कारावास की सजा
रुद्रपुर, अमृत विचार। बाजपुर के ग्राम हरसान असकोट में हुए जघन्य खड़क सिंह हत्याकांड के दोषी को तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने अदालत के सामने 10 गवाह पेश किए थे।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि थाना बाजपुर के ग्राम ग्राम हरसान असकोट निवासी सोबन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए कहा था कि उसके चचेरे भाई खड़क सिंह ने ललित मोहन पंत को 850 रुपये देने थे। जिसको लेर 22 सितं बर 2019 की सुबह लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हो गया था। विवाद के दौरान आरोपी ललित का दोस्त दारा सिंह भी मौजूद था और वह भी विवाद कर रहा था।
मगर गांव के कुछ लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत करवा दिया। आरोप था कि 22 सितंबर की दोपहर साढे तीन बजे उसका चचेरा भाई खड़क सिंह गांव की एक किराना स्टोर की दुकान के बाहर बैठा था कि अचानक आरोपी दारा सिंह ने पाटल और कुल्हाड़ी से प्राणद्यातक हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया।
घायलवास्था में चचेरे भाई को बाजपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे बरेली राममूर्ति रेफर कर दिया। जहां उपचार के दौरान खड़क सिंह ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्यारोपी दारा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा की अदालत में पेश कर दिया।
इस दौरान एडीजीसी लक्ष्मी नारायण पटवा ने अदालत के सामने दस गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद एडीजे तृतीय की अदालत ने दोषी दारा को आजीवन कठोर कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई।
