अयोध्या : राम मंदिर के परकोटे में हुआ बदलाव, नहीं बनेगा गोपुरम द्वार

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Edited By Amrit Vichar
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अब परकोटे का मुख्य द्वार ही होगा स्वागत द्वार, निर्माण समिति की बैठक में हुआ था निर्णय

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर के 800 मीटर की परिधि में बन रहे परकोटा निर्माण कार्य को तेज कर दिया गया है, लेकिन बीते निर्माण समिति की बैठक में कुछ आंतरिक बदलाव किए गए हैं। इसके साथ ही मुख्य रूप से मंदिर तक प्रवेश के लिए बनने वाले गोपुरम द्वार की योजना को स्थगित कर दिया गया है। अब परकोटे के मुख्य द्वार को स्वागत द्वार के रूप में बनाया जाएगा। 
       
राम जन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। जनवरी 2024 में रामलला अपने मुख्य गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। इसके पूर्व मंदिर के परकोटा निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो इसके लिए मजदूरों की संख्या को बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही परकोटे में होने वाले निर्माण की प्रक्रिया को भी और सरल करने के लिए कुछ आंतरिक बदलाव किए हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इंजीनियर जगदीश आफले ने बताया कि परकोटे में कुछ बदलाव किए गए हैं। परकोटे में छह मंदिर रहेंगे और सप्त ऋषियों का मंदिर परकोटे के बाहर होगा। परकोटे में गोपुरमद्वार बनने के लिए जो आवश्यकताएं हैं वह पूरी नहीं हो पाएंगी। बिना गोपुरमद्वार के ही सीधा मंदिर में प्रवेश मिलेगा। 

परकोटा निर्माण में धराशायी हुआ रंगजी मंदिर व कोप भवन
मंदिर में परकोटा निर्माण में आ रही तीन और मंदिर को बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया है। मंगलवार की रात कौशल्या भवन, रंगजी का मंदिर, स्थानीय निवासी पुरुषोत्तम निवास और कोप भवन का भी कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया है, जबकि इसके पहले भी फकीर राम व कौशल्या भवन के कुछ हिस्से को गिराया गया है। परिसर में पुराने दर्शन मार्ग पर लगे रेलिंग, कैनोपी को हटाए जाने का कार्य शुरू कर दिया है। 

यात्री केंद्र पर लगी एक्स-रे मशीन
राम मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं के सामानों को सुरक्षा के तहत आधुनिक एक्स-रे मशीन जांच करने के बाद ही निशुल्क लॉकर में रखा जाएगा। इसके लिए पुराने दर्शन मार्ग चेक पोस्ट पर लगे मशीन को अब राम गुलेला मंदिर के बगल बने केंद्र पर स्थानांतरित किया गया है। दरअसल राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन मार्ग में बदलाव किए जाने के बाद जन्मभूमि पथ पर यात्री सुविधाओं को बढ़ाये जाने का कार्य भी किया जा रहा है। भक्तिपथ से आने वाले श्रद्धालु पहले राम गुलेला मंदिर के बगल से जन्मभूमि पथ के रास्ते परिसर में जाएंगे। इसके लिए राम गुलेला मंदिर के बगल यात्री सुविधा स्थल बनाया गया है। इस स्थान पर यात्री अपने सामान को सुरक्षित रख सकते हैं, लेकिन उसके पहले यात्रियों के सामानों को चेक करने के लिए एक्स रे मशीन को लगाया गया है। इसके साथ ही यात्रियों के लिए शौचालय व आराम करने के लिए व्यवस्था दी गई है।

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