कासगंज: देवांश लॉज मामले में तहसीलदार ने शुरू की जांच, राजस्व टीम ने की पैमाइश

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Edited By Amrit Vichar
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गाटा संख्या 36, 37 और 38 पर बनी हुई है विवाद की स्थिति

कासगंज, अमृत विचार। शहर में इन दिनों सबसे चर्चित विवादित संपत्ति देवांश लॉज के कब्जे का मामला नित नया मोड़ ले रहा है। अब मामले में जांच अधिकारी नामित किए गए। तहसीलदार ने जांच आगे बढ़ा दी है। राजस्व टीम ने देवांश लाज पहुंचकर विवादित संपत्ति पर पैमाइश की है। अब पैमाइश रिपोर्ट आने के बाद तहसीलदार अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। इधर विवादित संपत्ति पर हुए कार्य पर रोक लगी हुई है। इसमें कार्रवाई हुई तो कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।

गाटा संख्या 36, 37 और 38 की संपत्ति को लेकर विवाद बना हुआ है। गाटा संख्या 36 और 37 पर तो न्यायालय ने आदेश जारी कर दिया। जिसमें संबंधित व्यक्ति का जिक्र कर किसी भी हस्तक्षेप पर रोक लगाई, लेकिन गाटा संख्या 38 को लेकर विवाद बना रहा। यहां तमाम तरीके के आरोप लगे। सदर विधायक ने भी हस्तक्षेप किया तो डीएम के आदेश पर एसडीएम ने मामले की जांच तहसीलदार सदर को सौंप दी। तहसीलदार ने अब बिंदुवार जांच शुरू कर दी है और विवादित संपत्ति की पैमाइश कराई है। पैमाइश रिपोर्ट राजस्व टीम द्वारा तैयार की जा रही है। इस रिपोर्ट के बाद ही तहसीलदार अपनी आख्या उच्चाधिकारियों को देंगे।

पुलिस बनाए हुए है सतर्कता
मामले में पुलिस पूरी तरह सतर्कता बनाए हुए है। एसडीएम ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी कोतवाली प्रभारी को सौंपी है। ऐसे में कोतवाली प्रभारी पूरी सतर्कता बनाए हुए है और मौके पर निगरानी के लिए पुलिस तैनात कर दी है।

यह लगे हैं आरोप
पीड़ित पक्ष अरुण कुमार की शिकायत है कि उनकी संपत्ति गाटा संख्या 38 और 37 जो नगर पालिका की सीमा में गांव अहरौली में आती है इसमें नदरई गेट निवासी कैलाश नाथ पुत्र सूरजप्रसाद ने विवाद उत्पन्न कर दिया है और एक भाग का सौदा भी गलत तरीके से कर दिया है। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने अदालत से आदेश प्राप्त करा लिया कि गाटा संख्या 37 व 36 में उनके कब्जा में हस्तक्षेप न करें। इस आदेश में गाटा संख्या 38 का कोई भी जिक्र नहीं हुआ है। 

तब भी कैलाशनाथ एवं उनके सहयोगी, सदर लेखपाल प्रदीप कुमार, शहर के नदरई गेट निवासी अश्वनी चतुर्वेदी, मुहल्ला नवाब निवासी राहुल कुमार ने गाटा संख्या 38 की संपत्ति पर कब्जा शुरू कर दिया और यहां उनका भवन तोड़ दिया है। लगभग चार करोड़ रूपये का लोहा एवं मलबा अपने लगभग 20 अज्ञात साथियों के सहयोग से उठा ले गए। इस मामले में प्रशासन से जांच की गुहार लगाई गई थी।

मामले में जांच की जा रही है। राजस्व टीम ने विवादित संपत्ति पर पहुंचकर पैमाइश की है। पैमाइश रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद आख्या तैयार कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी--- अजय कुमार, तहसीलदार सदर।

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