महिला केंद्रित विकास

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Edited By Amrit Vichar
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वैश्विक अर्थव्यवस्था में महिला उद्यमियों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत में लगभग 15 प्रतिशत यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला संस्थापक है और महिलाओं के नेतृत्व वाली इन यूनिकॉर्न कंपनियों का संयुक्त मूल्य 40 अरब डॉलर से अधिक है। उनका नेतृत्व समावेशिता को बढ़ावा देता है और उनकी आवाज सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करती है।

भारत में ग्रामीण स्थानीय निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों में से 46 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिला सशक्तिकरण पर जी-20 मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब महिलाएं समृद्ध होती हैं, तो दुनिया समृद्ध होती है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत, महिला सशक्तिकरण पर एक नया कार्य समूह स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो महिलाओं में आशा और आत्मविश्वास पैदा करेगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण विकास को गति देता है। शिक्षा तक उनकी पहुंच वैश्विक प्रगति को प्रेरित करती है। महिलाओं का नेतृत्व समावेशिता को बढ़ावा देता है और उनकी आवाज सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करती है।

आज पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाएं उच्च शिक्षा में दाखिला ले रही हैं। भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित स्नातकों में लगभग 43 प्रतिशत और एक-चौथाई अंतरिक्ष वैज्ञानिक महिलाएं हैं। चंद्रयान, गगनयान और मिशन मंगल जैसे  प्रमुख कार्यक्रमों की सफलता के पीछे इन महिला वैज्ञानिकों की प्रतिभा और मेहनत है। 

भारतीय वायु सेना में महिला पायलट अब लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं। साथ ही प्रकृति के साथ उनके घनिष्ठ संबंध को देखते हुए, महिलाएं जलवायु परिवर्तन के नवोन्मेषी समाधानों की कुंजी हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि वर्तमान समय में महिलाएं लगातार बेहतरी की ओर बढ़ रही हैं।

फिर भी सामाजिक-आर्थिक-राजनीति और सांस्कृतिक रूप से कई जगहों पर इनके साथ समानता का व्यवहार किया जाना बाकी है, जो इस सभ्य समाज में उनका हक़ है। महिलाओं के लिए संभावनाओं का बड़ा द्वार अभी भी उनके इंतजार में है जो लगातार उनके सशक्त होते रहने से ही खुल सकेगा।

महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना उनके पूरे भविष्य को तय करता है। इसलिए उन बाधाओं को दूर करने के लिए काम किया जाना चाहिए जो बाजारों, वैश्विक मूल्य-श्रृंखलाओं और निम्न लागत वित्त तक महिलाओं की पहुंच को प्रतिबंधित करते हैं।

महत्वपूर्ण है कि सरकार के लिए महिला-केंद्रित विकास एक प्रमुख प्राथमिकता रहा है। भारत इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है और सरकार ने महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय किए हैं।