Jalaun: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आयुष्मान के लाभार्थियों को बांटे गोल्डन कार्ड, अधिकारियों ने दिखाए वीडियो

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Edited By Amrit Vichar
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जालौन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आयुष्मान के लाभार्थियों को बांटे गोल्डन कार्ड।

जालौन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आयुष्मान के लाभार्थियों को बांटे गोल्डन कार्ड। उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में सरकारी कामकाज की समीक्षा भी की।

जालौन, अमृत विचार। जनपद के एक दिवसीय दौरे पर आई सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। यहां पर आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को सौंपे। सरकारी कामकाज की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्मार्ट सिटी के तहत क्या कार्य कराए गए यह सवाल अधिकारियों से किया। इसके बाद कराए गए कार्यो को एक-एक कर उनके समक्ष रखा गया। एनआरएलएम की ओर से संचालित योजनाओं के तहत किए गए कार्यो का वीडियो दिखाया गया।

बुधवार को पहले हैलीकाप्टर से आने का कार्यक्रम था लेकिन मौसम खराब होने की वजह से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सड़क के रास्ते से आई। यहां पर सबसे पहले वह राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां पर बालरोग, इमरजेंसी, नवजात वार्ड, ओ0पी0डी0, महिला वार्ड सहित आदि वार्डो का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। क्षय रोग से पीड़ित के परिजनों से वार्ता कर उनका हालचाल जाना साथ ही पीड़ित के परिजनों को पोषण किट वितरित की। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है।

स्वयं सेवी संस्थाएं, रेडक्रास सोसाइटी, प्रधान आदि के माध्यम से जनपद में टीबी मरीज की खोज कर उनको समय से उपचार दिलाया जाये। जनपद के अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी टीबी मरीजों को गोद लेकर उनका उपचार समय से कराएं। गोल्डन कार्ड लाभार्थियों को 50 गोल्डन कार्ड वितरित किये। उन्होने कहा कि आयुष्मान भारत कार्ड योजना के तहत लाभार्थियों को 05 लाख तक का उपचार मिलता है। देश के किसी भी जगह पर रहकर मुफ्त उपचार करा सकते हैं। प्रधानमंत्री जी अपने देश के हर व्यक्ति की स्वास्थ्य की चिन्ता करते है।

इसके बाद वह सरसौखी में आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची। यहां पर केंद्र का निरीक्षण किया और कार्यकत्री और सहायिका से संचालन की बावत जानकारी ली। 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को केंद्र के सुगम संचालन हेतु किट वितरित की। इसके बाद वह कारागार पहुंची यहां पर कैदियों से संवाद किया। कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक की। यहां पर उन्होंने स्मार्ट सिटी के कामों पर गहनता से चर्चा की और कहा कि शहर को स्मार्ट बनाने में कोई कोर कसर न छोंड़े।

इस दौरान बताया गया कि मुख्य मार्गो पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई, चौराहों का सुंदरीकरण कराया गया, प्रमुख मार्गो का चौड़ीकरण हुआ। वेस्ट मैनेजमेंट,  वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट समेत कई कार्यो को राज्यपाल के समक्ष गिनाया गया। एनआरएलएम का वीडियो चलाया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यो की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के संचालन में तत्परता दिखाएं।

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, मूलचंद्र निरंजन के अलावा जिलाधिकारी चांदनी सिंह, एसपी डॉ. ईरज राजा, डॉ. आरके मौर्य, सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

राज्यपाल से मरीज बोला ऑपरेशन के नाम पर ले लिए 20 हजार

राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने राज्यपाल के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी की थी। वार्डो में कुछ ऐसे मरीज भर्ती किए गए थे जो बेहतर व्यवस्थाओं का बखान करें। जैसे ही महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मेडिकल कॉलेज में पहुंची तो वहां पर शहर के उमरारखेरा निवासी रामशंकर से मुलाकात हो गई। राज्यपाल ने उससे बात की तो उसने कॉलेज के प्राचार्य समेत वहां के हड्डी रोग विभाग की पोल खोल कर रख दी। उसने कहा कि एक्सीडेंट में पैर की हड्डी टूट गई थी।

ऑपरेशन कराया तो यहां पर उससे 20 हजार रुपये ऑपरेशन के नाम पर लिए गए और उसकी कोई रसीद नहीं दी गई। जब रसीद मांगी तो कह दिया गया कि लाखों रुपए खर्च होते अगर यहां से रेफर कर देते। 20 हजार में ही सब अच्छा हो गया। यह बात सुनने के बाद राज्यपाल आगे बढ़ गई। लौटते वक्त वह फिर उसी मरीज के पास रुकी तो उसने कहा कि आप तो हमारा इलाज करा दो बस और कुछ नहीं। वह उसे लेकर ओपीडी की ओर बढ़ गई और वहीं खड़े होकर उसका चेकअप कराया। वहीं जालौन निवासी सबीना से इलाज के बारे में जानकारी ली। सबीना ने कहा कि सब अच्छा है।

रेडक्रास सोसायटी जिले को सबसे पहले टीवी मुक्त करें

राज्यपाल ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही रेडक्रास सोसायटी की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सोसायटी में 1250 सदस्य है अगर आप लोग एक टीवी मरीज को गोद ले लें तो यह जिला सबसे पहले टीवी मुक्त हो जाएगा। इस पर मौजूद चेयरमैन और पूर्व सचिवों ने आश्वस्त किया कि ऐसा ही होगा।

इसके बाद वर्ष 2012 से 2017 तक सचिव रहे अ•ाय द्विवेदी ने प्रगति रिपोर्ट पेश की। उनके समय में स्वास्थ्य कैंप से लेकर विकलांगों के लिए उपकरण वितरण से लेकर आदि कार्यक्रम और कैंप के बारे में बताया। इसके बाद सचिव बने युद्दवीर कंथरिया ने प्रगति रिपोर्ट पेश की। डॉ. नरेश वर्मा ने अपने कार्यकाल का ब्योरा पटल पर रखा। रक्तकणिका डॉ. ममता स्वर्णकार ने ब्लड डोनेशन कैंप के बारे में बताया। कहा कि अब तक 3000 यूनिट ब्लड डोनेट कराया जा चुका। 

कलेक्ट्रेट में लगे स्टालों का राज्यपाल ने किया अवलोकन

कलेक्ट्रेट में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। यहां पर वह बुंदेली बिन्नू स्टाल पर पहुंची तो यहां पर रोहित विनायक ने बताया कि वह एक मुहिम चला रहे है जिसमें लड़कियों के जन्म पर उनके पदचिंह लेते है और वस्त्रों की एक किट भेंट करते है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की पेन्टिग से लेकर चितेरी कला की पेंटिग दिखाई। एक जिला एक उत्पाद के स्टाल पर उन्होंने कालपी के कागज से बने कार्ड आदि देखे। इसके बाद आजीविका मिशन, आंगनबाड़ी आदि के स्टाल देखती हुई आगे बढ़ गई।



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