किच्छा: जायदाद का इकलौता वारिश बनना चाहता था आरोपी
भाई का पक्ष लेने पर पिछले साल मां भी कर दी थी हत्या
जमीन का बंटवारा नहीं करने पर अब पिता भी थे उसके निशाने पर
राजेंद्र सहगल, किच्छा, अमृत विचार। पपेंदर सिंह की हत्या के मामले में आरोपी बड़े भाई गुरदेव सिंह से पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार गुरदेव सिंह के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने भाई पपेंदर सिंह की शादी भी नहीं होने दी। क्योंकि शादी के बाद उसके बच्चे होने पर बच्चे जमीन जायदाद के वारिस बन जाते। जबकि गुरदेव सिंह सारी जमीन का इकलौता वारिस बनना चाहता था।
पपेंदर सिंह और गुरदेव सिंह के अलावा उनकी पांच बहनें हैं तथा गांव में उनकी काफी जमीन जायदाद थी। जिसमें अधिकांश जमीन बिक चुकी है। पपेंदर सिंह उर्फ लाडी शराब पीने का आदी था तथा आरोपी गुरदेव सिंह ने अपने भाई से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। पपेंदर जमीन में हिस्से की मांग करते हुए गुरदेव को लगातार परेशान करता था।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके माता-पिता भी भाई पपेंदर का साथ देते थे। जिसके चलते पिछले वर्ष आरोपी गुरदेव सिंह ने अपनी मां स्वर्ण कौर की भी हत्या कर दी थी। लेकिन मामला पारिवारिक होने के चलते परिजनों ने पूरे मामले को दबा दिया। पुलिस के अनुसार सारी जमीन पिता मनजीत सिंह के नाम पर दर्ज है और वह जमीन का बंटवारा नहीं करना चाहते थे।
जबकि इसी विवाद के चलते कई बार पंचायत हुई। लेकिन, जमीन के बंटवारे के लिए पिता मनजीत सिंह तैयार नहीं हुए। जमीन जायदाद का इकलौता वारिस बनने की अपनी चाहत को पूरा करने के लिए आरोपी गुरदेव सिंह ने सगे भाई पपेंदर की हत्या कर दी और पिता मनजीत को भी जान से मार कर सारी जमीन जायदाद हड़पने की योजना बनाई थी। लेकिन, उसकी चाहत में उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
एसएसपी ने की टीम को 2000 इनाम देने की घोषणा
थाना अंतर्गत फ्लाईओवर पर मिले युवक के शव की शिनाख्त एवं हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने उत्साह वर्धन करते हुए पुलिस टीम को 2000 रुपए का नगद पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलभट्टा पुलिस द्वारा अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन कर सराहनीय कार्य किया जा रहा है।
पुलिस टीम में रहे मौजूद
पुलभट्टा थाना अध्यक्ष कमलेश भट्ट, बरा चौकी प्रभारी पंकज कुमार, एसआई पवन जोशी, एसआई दीपा अधिकारी, एएसआई सुरेश पसबोला, एएसआई अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल फिरोज एवं धर्मवीर सिंह, पुलिसकर्मी ललित चौधरी, चारु पंत, इंद्र प्रकाश, गजेंद्र सिंह, कांस्टेबल दीपक बोरा, एसओजी टीम के पुलिसकर्मी पंकज बिनवाल एवं भूपेंद्र आर्य शामिल रहे।
95 सीसीटीवी खंगालने के बाद दबोचा आरोपी
हत्या की घटना का खुलासा करने में पुलिस टीम को खासी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 95 सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद लाल रंग के संदिग्ध ट्रक पर सामने की तरफ बॉडी पर बीटीसी लिखा हुआ दिखाई दिया। जिसके बाद पुलिस टीम ने ट्रक की खोजबीन शुरू कर दी। तमाम सीसीटीवी कैमरे की जांच करते हुए थाना अध्यक्ष कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम सिडकुल सितारगंज पहुंच गई और ट्रक की तलाश में पुलिस टीम जब बरेली जिले के नवाबगंज पहुंची तो सनसनीखेज हत्या की घटना का पर्दाफाश हो गया।
