सिद्धरमैया ने कृषि मंत्री के खिलाफ ‘फर्जी पत्र’ के लिए भाजपा पर जताया शक, बोले-  भाजपा या उसके ‘बंधु’ का हाथ तो नहीं

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बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सवाल किया कि कृषि मंत्री एन चेलुवरायस्वामी पर अधिकारियों से रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले ‘फर्जी पत्र’ के पीछे कहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या उसके ‘बंधु’ का हाथ तो नहीं।

उन्होंने अपनी टिप्पणी में ‘बंधु’ कहकर जनता दल (सेक्युलर) नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी पर स्पष्ट कटाक्ष किया। हाल के विधानसभा चुनावों के बाद विपक्षी भाजपा और जद (एस) एक-दूसरे के करीब आते दिखाई दे रहे हैं।

पत्र में कथित तौर पर चेलुवरायस्वामी की आलोचना करते हुए मांड्या जिले में तैनात सात सहायक कृषि निदेशकों ने मंत्री पर विभाग के अधिकारियों से छह से आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ताओं ने पत्र में धमकी दी है कि अगर इस तरह की भ्रष्ट गतिविधियों को नहीं रोका गया तो वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ आत्महत्या कर लेंगे। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘यह बात सामने आ गई है कि सार्वजनिक रूप से प्रसारित हो रहा पत्र फर्जी है।

संयुक्त कृषि निदेशक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जिले के किसी भी अधिकारी ने ऐसा पत्र नहीं लिखा है। हालांकि, हम मामले की समीक्षा करेंगे और आवश्यक हुआ तो जांच करेंगे।’’ उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘सरकार की बदनामी करने वाले ऐसे फर्जी पत्र के निर्माता भाजपा के नेता या उनके बंधु तो नहीं हैं?’’ पत्र प्राप्त होने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने इसकी जांच करने और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए एक अगस्त को इसे मुख्य सचिव वंदिता शर्मा को भेजा था।

कृषि मंत्री चेलुवरायस्वामी ने कहा, ‘‘यह एक फर्जी पत्र प्रतीत होता है। कुछ लोग मेरे बारे में कुछ खोज कर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। मैं अपने विभाग के सचिव से इसकी जांच करने के लिए कहूंगा।

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