Kanpur: गे-डेटिंग एप से ठगने के बाद बनाते अश्लील वीडियो, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छह छात्र गिरफ्तार
कानपुर में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
कानपुर की कल्याणपुर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग करके धन उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, एक टेबलेट व विभिन्न बैंको के एटीएम कार्ड बरामद हुए।
कानपुर, अमृत विचार। गे-डेटिंग एप से ठगने वाले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने इस तरह की ठगी का का यूपी में पहला मामला होने का दावा किया। गे-डेटिंग एप पर जो भी नियुक्ति लेकर मिलने पहुंचा और समलैंगिक संबंध बनाए।
छात्र उसका चोरी से अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देकर उनका खाता खाली कर देते थे। शिकायत मिलने के बाद कल्याणपुर पुलिस ने छात्रों के गिरोह का खुलासा किया। आरोपी छात्र दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये ऐंठ चुके हैं।
मंगलवार को एडीसीपी पश्चिम लखन सिंह यादव ने यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर छात्रों के गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि काकादेव में इंजीनियरिंग और मेडिकल समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का गिरोह चल रहा है। गिरोह में शामिल छात्रों ने ब्लूड गे-डेटिंग एप पर सभी ने अलग-अलग नामों से आकर्षक तस्वीर के साथ फोटो लगाकर अपना प्रोफाइल बनाकर रखा था। एप पर शहर के जिन लोगों ने इनसे संपर्क किया और बातचीत बढ़ाई उसे अपने कमरे पर मिलने के लिए बुला लिया।
इसके बाद समलैंगिक संबंध बनाकर उन लोगों का अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर चेन, अंगूठी, जेब में रखे रुपयों के साथ-साथ मोबाइल से यूपीआई का आईडी पासवर्ड लेकर बैंक अकाउंट खाली कर दिया। एडीसीपी के अनुसार आरोपी छात्र उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते थे। जिस पर वह बदनामी से बचने के लिए शांत होकर बैकफुट पर आ जाते थे।
एडीसीपी के अनुसार थाना कल्याणपुर में दो मामलों की शिकायत पहुंची तो पुलिस ने जांच शुरू की। इसके बाद कल्याणपुर पुलिस ने अंबेडकरपुरम सेक्टर 8 में रहने वाले अमित श्रीवास्तव के मकान में छापेमारी करके पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया। उन्होंने बताया कि छह छात्रों ने दर्जनों लोगों को अब तक अपना शिकार बनाया है।
गिरोह चलाने वाले छात्र कर रहे थे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
1- कानपुर देहात के डीडीपुर थाना राजपुर निवासी 19 वर्षीय बृजेंद्र सिंह एसएससी की तैयारी कर रहा था।
2- कानपुर देहात के गोवारा थाना राजपुर निवासी 20 वर्षीय प्रवीन सिंह पॉलीटेक्निक सेकेंड सेमेस्टर नारायणा कॉलेज से कर रहा था। उसका बी एमएस बंदायु में सेलेक्शन हो चुका है।
3- जिला जालौन के ग्राम बैरी थाना कालपी निवासी 21 वर्षीय दिलीप उर्फ प्रद्युम्न सिंह प्राइवेट नौकरी करता था।
4- जिला महोबा के गांधी नगर थाना कोतवाली निवासी 22 वर्षीय अरुण राजपूत एसएससी की तैयारी कर रहा था।
5- जिला जालौन के ग्राम बैरी थाना कालपी निवासी 21 वर्षीय विपिन सिंह एसएससी की तैयारी कर रहा था।
6- जिला मैनपुरी के रूई भौगांव निवासी 22 वर्षीय पवन कुमार एसएससी की तैयारी कर रहा था।
कम उम्र में अपराध की लत, सभी अच्छे घरों से
एडीसीपी के अनुसार सभी छह छात्र काफी कम उम्र के हैं। सभी छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। अब तक की जांच में पता चला है, कि सभी अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुख रखते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए थे। लेकिन बिगड़ैल आदतों के चलते शौक पूरा करने के लिए गिरोह बना लिया। इसके बाद ब्लूड गे-एप से लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया।
मोबाइल की जांच में मिले 24 न्यूड वीडियो
एडीसीपी के अनुसार कल्याणपुर पुलिस ने जब सभी छह छात्रों के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने अनुसार सभी छात्रों ने अलग-अलग नामों से गे-डेटिंग एप पर अपना प्रोफाइल बना रखा था। इनके मोबाइल में 24 से ज्यादा लोगों के न्यूड व आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। यह वीडियो वो थे, जो लोगों के साथ समलैंगिक संबंध बनाने के बाद बना लिए जाते थे।
छात्रों के पास से पुलिस यूनिफार्म समेत कई चीजें बरामद
इस संबंध में कल्याणपुर पुलिस ने बताया कि छात्रों के कमरे में छापेमारी के दौरान कई चीजें बरामद हुईं। उनके पास से 5 एनड्रॉयड फोन. एक टेबलेट, विभिन्न बैंकों के 9 एटीएम कार्ड व एक उत्तरप्रदेश पुलिस की यूनिफार्म बेल्ट बरामद की है।
आखिर क्या है, ब्लूड एप…
एडीसीपी लखन सिंह यादव ने बताया कि ब्लूड गे एप एक समलैंगिक पुरुषों के लिए बनाया गया प्लेटफॉर्म है। इस एप पर मौजूदा समय में दुनिया भर के 58 मिलियन से अधिक समलैंगिक पुरुष जुड़ें हैं। समलैंगिक लोग अपने तहर की साथियों की तलाश में इस एप का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए वह दोस्ती, वीडियो ऑडियो चैट और मुलाकात करते हैं। शातिर छात्रों ने इसके चलते इस एप को चुना और समलैंगिक पुरुषों को अपना शिकार बनाया। बताया कि कई महीनों से इस तरह से ठगी का मामला चल रहा था।
