बरेली: रमनदीप के पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त
महानगर में सीलिंग भूमि पर कब्जा कर निर्माण कराने का आरोप
बरेली, अमृत विचार। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के आरोपी बिल्डर रमनदीप सिंह को एक और झटका लगा है। डीएम ने रमनदीप के महानगर कॉलोनी के मेन गेट के पास स्थित मेसर्स लीफ फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप का निर्माण मानकों के विपरीत किया गया था। न बीडीए से नक्शा स्वीकृत कराया गया न ही तय जमीन पर उसका निर्माण हुआ। पेट्रोल पंप में 76 वर्ग मीटर नगर सीलिंग की भूमि भी दबी पाई गई थी।
कई विभागों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने शर्तों के उल्लंघन पर अनापत्ति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। आदेश की कॉपी संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रक (मध्यांचल) ए विंग, द्वितीय दल केंद्रालय आगरा को भी भेजी गई है। इससे पहले 19 मई को एसएसपी की पेट्रोल पंप की भूमि की जांच कराने की सिफारिश पर डीएम ने एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई थी। इसके बाद तहसीलदार सदर राम नरायन सिंह की चार सदस्यीय टीम ने जांच की तो पेट्रोल पंप के निर्माण में कई गड़बड़ी उजागर हुईं।
टीम ने पाया कि पूर्व नायब तहसीलदार रिठौरा ने 20 अगस्त 2004 की रिपोर्ट में पेट्रोल पंप गाटा नंबर 511 में प्रस्तावित बताया गया था लेकिन इसके बजाय गांव धौरेरा माफी के गाटा नंबर 520/691 के आंशिक भाग और राजस्व ग्राम विहारमान नगला के गाटा नंबर 695 और 696 के आंशिक भाग पर पेट्रोल पंप बनाया गया। विहारमान नगला के गाटा नंबर 695 और 696 के आंशिक भाग में 76 वर्ग मीटर नगर सीलिंग की भूमि भी शामिल है।
19 साल पहले जारी हुई थी एनओसी
सपा सरकार में बरेली के डीएम रहे डॉ. मूलचंद यादव ने 25 सितंबर 2004 को रमनदीप सिंह के धौरेरा माफी के गाटा नंबर 511 पर पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए एनओसी जारी की थी। हाल ही में एसएसपी की चिट्ठी मिलने के बाद एडीएम प्रशासन ने तहसील सदर के साथ बीडीए समेत दूसरे विभागों से भी जांच रिपोर्ट मांगी थी। बीडीए की रिपोर्ट में विशेष कार्य अधिकारी गौतम सिंह ने लिखा कि नक्शा स्वीकृत न होने के कारण रमनदीप के पेट्रोल पंप को ध्वस्त करने के आदेश जारी किया जा चुका है।
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