बरेली: पादरी एल्बर्ट को वेतन के लाले, पत्नी के इलाज को नहीं रुपये
2003 में कंपनी मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया में उन्हें पादरी के पद पर रखा था
बरेली, अमृत विचार। पादरी की जिम्मेदारी संभाल रहे एल्बर्ट बेंजामिन की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उन्हें कंपनी की ओर से पूरा वेतन नहीं मिल रहा है। इस वजह से वह बीमार पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। घर का खर्च भी चलना मुश्किल हो रहा है। मामले में आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज होने के बाद अफसर हरकत में आए हैं, मगर अभी उनकी शिकायत का निस्तारण नहीं हो सका है।
कैंट सदर निवासी एल्बर्ट बेंजामिन के अनुसार वह कंपनी मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया में 2003 से पादरी के पद पर कार्यरत हैं। 30 हजार रुपये उनका वेतन है। आरोप है कि कंपनी से उन्हें पूरा वेतन नहीं मिल रहा है। कभी-कभार ही रुपये मिलते हैं। उन्होंने मामले में मेथोडिस्ट चर्च इन इंडिया के निदेशक, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, प्रदेश के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और न्यायपालिका के वरिष्ठ जजों को शिकायत भेजी है, जिसमें उन्होंने 15 दिन के अंदर कंपनी से पूरा वेतन दिलवाने की मांग की है।
कहा है कि पूरी रकम न मिलने पर वह कंपनी की जमीन किराये पर देकर पत्नी का इलाज कराएंगे। यदि पत्नी की मृत्यु हो जाती है तो उसके जिम्मेदार वे लोग होंगे, जिनका पत्र में जिक्र है। वहीं, मामले की शिकायत आईजीआरएस पर भी दर्ज कराई गई थी। उसकी शिकायत का मुख्यमंत्री कार्यालय के लोक शिकायत अनुभाग ने संज्ञान लिया। अपर मुख्य सचिव अल्पसंख्यक कल्याण ने निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, डीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शिकायत निस्तारित कराने के निर्देश दिए। डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही को 2 अगस्त को निस्तारण के निर्देश दिए थे, मगर एल्बर्ट की शिकायत अभी लंबित है।
ये भी पढे़ं- बरेली: आजमगढ़ की घटना के विरोध में पहली बार निजी स्कूलों की सामूहिक बंदी
