उमेशपाल हत्याकांड : पुलिस के रडार पर हैं अतीक के गुर्गे, अली की बदली जा सकती है जेल
प्रयागराज, अमृत विचार। उमेशपाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद अतीक अहमद के गुर्गों के खिलाफ पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। अतीक अहमद के गैंग आईएस 227 के एक दर्जन से अधिक सदस्य नैनी सेंट्रल जेल पहुंच चुके हैं। जेल में गैंग की संख्या में इजाफा होने के बाद पुलिस उन्हें अपने रडार पर रखे है। सूत्रों के अनुसार बहुत जल्द अतीक के बेटे अली की जेल बदली जा सकती है।
ज्ञात हो कि 24 फरवरी को दिन दहाड़े धूमनगंज इलाके में भाजपा नेता उमेश पाल और उसके दो सुरक्षाकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। मामले में कुछ आरोपी गिरफ्तार किये गये और कुछ को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। जबकि अतीक और अशरफ दोनों भाइयों की भी पुलिस अभिरक्षा में हत्या कर दी गयी। दोनो के मौत के बाद भी लगातार कई ऐसे मामले आए हैं जिसमें अतीक अहमद गैंग के कई गुर्गों ने अतीक के नाम पर रंगदारी मांगी है। इसमें अतीक के परिवार वालों के अलावा कई शार्प शूटर, गैंग दो सदस्य और साजिशकर्ता शामिल हैं। इसमें अतीक अहमद के दो वकील और दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद भी नैनी जेल में बंद है।
पुलिस और एसटीएफ के आला अफसर तक यह शिकायत पहुंची है कि जेल में अली और गैंग के सदस्यों के बीच फिर से नई साजिशों का किताब लिखी जा रही है। जिस तरह से साबरमती जेल में बैठकर अतीक अहमद और बरेली जेल में बैठकर अशरफ ने उमेश पाल शूटआउट की कहानी को लिख डाला था। सूत्रो के आधार पर जानकारी जुटाते हुये पुलिस ने रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। नैनी सेंट्रल जेल में बंद गैंग के सदस्यों को नैनी सेंट्रल जेल से हटाकर दूसरी जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। यही नहीं अतीक के बेटे अली की जेल भी बदली जा सकती है।
क्या बोले अधीक्षक
वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुरपटेल ने बताया कि फिलहाल ऐसी कोई आदेश शासन की तरफ से अतीक आया है। अली के जेल बदलने की सूचना नहीं है। हां कोई आदेश आने पर ऐसा किया जा सकता है।
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